
New Delhi : जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार को चेतावनी दी है. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर पर बातचीत शुरू नहीं की गई तो गंभीर नतीजे भुगतने होंगे. उन्होंने अफगानिस्तान और अमेरिका का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को पड़ोस में देखना चाहिए कि कैसे अमेरिका को भागना पड़ा.
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क्या कहा महबूबा ने
उन्होंने कहा, “मगर जिस वक्त ये बर्दाश्त का बांध टूट जाएगा तब आप रोक नहीं पाओगे, मिट जाओगे. बार बार मैं कहती हूं कि हमारा इम्तिहान मत लो. सुधर जाओ, संभल जाओ. पड़ोस (अफगानिस्तान) में देखो क्या हो रहा है, इतनी बड़ी अमेरिका, उनको भी वहां से बोरिया-बिस्तर लेकर वापस जाना पड़ा. और आपको मौका है अभी भी कि जिस तरह वाजपेयी जी ने जम्मू-कश्मीर में बातचीत शुरू की थी.
उसी तरह आप भी जम्मू कश्मीर में बातचीत का सिलसिला शुरू कीजिए. जो आपने गैर कानूनी तरीके से लूटा है जो जम्मू-कश्मीर के टुकड़े टुकड़े कर दिए, इस गलती को सुधारो, नहीं तो बहुत देर हो जाएगी.”
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जनता से बातचीत करने की अपील
महबूबा मुफ्ती ने मोदी सरकार से जम्मू कश्मीर की जनता से बातचीत करने और जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा बहाल करने की अपील की. उन्होंने यह सारी बातें मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा उनकी मां गुलशन नजीर से करीब तीन घंटे तक पूछताछ किए जाने के बाद पत्रकार वार्ता में कहीं.
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एनआईए और ईडी का उपयोग हथियारों के रूप में
उन्होंने कहा कि यह काफी दुर्भाग्यपूर्ण हैं कि जो संस्थाएं हमारे अधिकारों की रक्षा करने और भारत की भावना ओर संविधान को बनाए रखने के लिए थीं उनका आज तालिबानीकरण कर दिया गया.
उन्होंने मीडिया का तालिबानीकरण करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि एनआईए और ईडी जैसी राष्ट्रीय एजेंसियां गंभीर कामों के लिए होती हैं, लेकिन यह देश का दुर्भाग्य है कि इनका प्रयोग आज हथियारों के रूप में किया जा रहा है.
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