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नक्सलियों की गुरिल्ला आर्मी सप्ताह बनी चुनौती, सभी जिलों में अलर्ट

2 से 8 दिसंबर तक नक्सली मना रहे हैं पीएलजीए, कर सकते हैं वारदात

Anuj Tiwari

Ranchi : नक्सली संगठनों पर नकेल कसने में आगे रही झारखंड पुलिस के सामने अब एक नयी चुनौती बनी हुई है. 2 दिसंबर से नक्सली संगठन भाकपा माओवादी एक बार फिर पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) सप्ताह मना रहे हैं. नक्सलियों के इस सप्ताह को लेकर पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों को अलर्ट कर दिया गया है.

आइजी ऑपरेशन साकेत कुमार सिंह बताते हैं कि नक्सलियों पर लगातार पुलिस की नजर बनी हुई है. पुलिस की ओर से लगातार छापेमारी की जा रही है. जहां भी पोस्टर साटे जा रहे हैं, उन्हें तुरंत जब्त कर कार्रवाई की जा रही है.

सूत्रों के अनुसार पीएलजीए सप्ताह के दौरान संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि नक्सली किसी हिंसात्मक घटना को अंजाम दे सकते हैं. नक्सली अपने मारे गये साथियों का बदला इस सप्ताह लेने के लिए रणनीति बनाते हैं जिसे लेकर अभी से ही कई जगहों पर पोस्टरबाजी शुरू कर दी गयी है.

वे अभी से ही दशहत का माहौल पैदा कर रहे हैं, साथ ही पुलिस को कड़ी चुनौती दे रहे हैं. फिलहाल पुलिस की ओर से कई तरह की कार्रवाई की जा रही है, साथ ही कई संदिग्धों को पकड़ा भी जा रहा है. मालूम हो कि दो दिसंबर 2000 में नक्सलियों की पीएलजीए की स्थापना की गयी थी.

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पोस्टरबाजी कर दशहत फैलाने की है रणनीति

अभी एक दिन पहले ही चक्रधरपुर में नक्सलियों ने पोड़ाहाट अनुमंडल के तीन थाना क्षेत्रों में बैनर लगाये और पोस्टरबाजी की. माओवादियों ने चक्रधरपुर थाना क्षेत्र के चौक-चौराहों पर पोस्टर लगा दिये. जिसके बाद उस इलाके में दशहत का माहौल है. इस घटना के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बैनर-पोस्टर को जब्त कर लिया है.

इसके अलावा कैमूर पहाड़ी में भी सतर्कता बढ़ा दी गयी है. इसके साथ जिला पुलिस-सीआरपीएफ के जवान जंगल में सर्च ऑपरेशन भी चला रहे हैं. पुलिस मुख्यालय के अनुसार जरूरत पड़ने पर ड्रोन कैमरे का भी सहारा लिया जा सकता है ताकि नक्सलियों के मूवमेंट पर कड़ी नजर रखी जा सके.

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