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रक्षा विश्वविद्यालय से पढ़ाई छोड़कर भाग गये कई टाना भगत छात्र

नहीं भा रहा माहौल, डिप्लोमा इन फिंगरप्रिंट इंक्रीप्टोलोजी पाठ्यक्रम में हुआ था नामांकन

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Ranchi:  झारखंड शक्ति रक्षा विश्वविद्यालय, रांची का माहौल टाना भगत छात्रों को नहीं भा रहा है. मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. उन्होंने कहा है कि टाना भगत छात्रों का पलायन शैक्षणिक पाठ्यक्रम से न हो. सरकार टाना विकास विकास प्राधिकार के जरिये इनकी मूलभुत आवश्यकताओं को पूरा करेगी. सरकार इनके लिए आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध करायेगी. सरकार की तरफ से जिलों के अफसरों को टाना भगत की जरूरतों को अधिक प्राथमिकता दिये जाने के निर्देश भी दिये हैं. अफसरों से इसकी रूप-रेखा तैयार करने को कहा गया है.

15 टाना भगत स्टूडेंट्स का हुआ था दाखिला

सरकार की तरफ से 15 टाना भगत स्टूडेंट्स का दाखिला डिप्लोमा इन फिंगरप्रिंट इंक्रीप्टोलॉजी पाठ्यक्रम में कराया गया है. इसमें से चार छात्र और एक छात्रा ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी है. ये सभी रांची और गुमला जिले के रहनेवाले हैं. छात्रा ने अपनी पढ़ाई प्रेग्नेंसी की वजह से छोड़ दी, जबकि छात्रों के कोर्स छोड़ने की वजह का पता नहीं चल पाया है. सरकार की ओर से प्रति छात्र कोर्स पूरा करने के लिए 27 हजार रुपये खर्च किये जा रहे हैं. 2018-19 में ही 10वीं और 12वीं पास टाना भगत बच्चों का एडमिशन सरकार की ओर से रक्षा विश्वविद्यालय में कराया गया था. इनके रहने-खाने में होनेवाले 16.20 लाख रुपये का खर्च खुद सरकार वहन कर रही है. यहां यह बताते चलें कि टाना भगत छात्रों को कल्याण विभाग की ओर से संचालित आवासीय विद्यालयों में भी नामांकन कराया गया है. यहां से भी छात्र पढ़ाई छोड़ कर भाग रहे हैं. रांची जिले में हुई इस घटना को लेकर सरकार भी अचंभित है.

25 टाना भगत युवतियों को नर्सिंग ट्रेनिंग देने की सिफारिश

गुमला जिले के उपायुक्त ने 25 टाना भगत युवतियों को नर्सिंग की ट्रेनिंग देने की सुविधा प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव को प्रस्ताव भेजा है. सरकार की ओर से इंटर पास युवतियों को नि:शुल्क नर्सिंग ट्रेनिंग दी जायेगी. अब सरकार के समक्ष परेशानी यह है कि कैसे इस ट्रेनिंग कोर्स को सफलता पूर्वक पूरा किया जाये. टाना भगत बच्चों के बीच पलायन करने की प्रवृति से भी अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है.

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