Ranchi

लालू यादव से मिलने रिम्स पहुंचे शत्रुध्न सिन्हा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत भी साथ

Ranchi: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता और बीजेपी सांसद शत्रुध्न सिन्हा शनिवार राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद से मिलने रिम्स के पेइंग वार्ड पहुंचे. उनके साथ कांग्रेस के पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय भी हैं. दोपहर लगभग 12:30 में शत्रुध्न सिन्हा और सुबोधकांत सहाय लालू प्रसाद से मिलने रिम्स के पेइंग वार्ड पहुंचे. हालांकि शत्रुध्न सिन्हा से पहले जेएमएम के अध्यक्ष हेमंत सोरेन और कांग्रेस के शकील अहमद लालू प्रसाद से मिलने पहुंच चुके थे. कांग्रेस और जेएमएम के दिग्जजों के एकसाथ लालू से मिलने आने पर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी हुई है.

अपनी ही पार्टी के खिलाफ हमेशा मुखर रहनेवाले शत्रुघ्न सिन्हा के यहां आने से, कांग्रेस-जेएमएम के नेताओं के मिलने से कयास लागए जा रहे है कि झारखंड और बिहार की राजनीतिक परिस्थिति पर चर्चा होगी. इसके अलावा महागठबंधन पर भी चर्चा होगी. खबर लिखने तक शत्रुघ्न सिंह, सुबोधकांत सहाय और लालू प्रसाद की मुलाकात रिम्स के पेइंग वार्ड में जारी है.

Catalyst IAS
ram janam hospital

मोदीजी की सरकार भ्रष्ट पूंजीपतियों की सरकार : शकील

The Royal’s
Sanjeevani
Pitambara
Pushpanjali

राहुल गांधी ने तीन राज्यों में चुनाव से पहले जो घोषणा की थी कि राज्यों के किसानों का कर्जा माफ करेंगे. तीनों राज्यों में चुनाव जीतने के बाद 10 घंटे के अंदर-अंदर इस घोषणा को उन्होंने पूरा कर दिया. किसानों के कर्ज माफ कर दिए गए चुनाव के दरमियां राहुल गांधी ने एक और बात कही थी प्रधानमंत्री को हम बाध्य कर देंगे कि वे देश भर के किसानों का कर्ज माफ करें और उनकी सुविधा के लिए काम करें. ये बातें कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कही. साथ ही कहा कि हजारों करोड़ रुपए प्रधानमंत्री ने बड़े-बड़े पूंजीपतियों का कर्ज माफ किया है. लेकिन किसानों के कर्ज माफ करने के विषय पर भाजपा कहती है इससे देश की इकोनॉमी बिगड़ जाएगी.

मोदी सरकार पूंजी पतियों की, पूंजीपतियों के लिए है और पूंजीपतियों के द्वारा बनाई हुई सरकार है. वह भी भ्रष्ट पूंजीपतियों के लिए यह सरकार है. लालू प्रसाद की तबीयत के मामले में शकील अहमद ने कहा कि लालू प्रसाद की तबीयत खराब है. हम लोग उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं कि वह जल्द ठीक हो बाहर आएं.

इसे भी पढ़ेंःसेवा में बने रह सकते हैं अपर मुख्य सचिव खंडेलवाल, वीआरएस से पहले गये छुट्टी पर

इसे भी पढ़ेंः मिनिमम बैलेंस न होने पर साढ़े तीन सालों में सरकारी बैंकों ने ग्राहकों से वसूले 10 हजार करोड़

Related Articles

Back to top button