
Ranchi: झारखंड पावर वर्कर्स यूनियन के साथ बार-बार लिखित समझौते के उपरांत भी लागू नहीं करना प्रबंधन का कर्मचारियों के प्रति उदासीनता दिखाता है. पूर्व में प्रबंधन के द्वारा तकनीकी कर्मचारियों को जिसकी नियुक्ति तृतीय श्रेणी में की गई है तथा निगम के BOD के माध्यम से NEW DESIGNATION MAPPING के तहत सभी तकनीकी कर्मियों का ग्रेड पे 3000 रुपए निर्धारित किया गया था. परंतु निगम के द्वारा गठित कमेटी के द्वारा सभी तकनीकी कर्मियों को चतुर्थ वर्ग में करने की कोशिश की गई थी. जिसके विरोध में झारखंड पावर वर्कर्स यूनियन ने निगम मुख्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल किया था.nप्रबंधन ने विरोध देखते हुए आनन-फानन में एक और समिति का गठन कर इस मुद्दे को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास किया है. इस मुद्दे पर प्रबंधन से जब यूनियन की बात होती है जो प्रबंधन समिति की बात कर पल्ला झाड़ लेती है. आज कर्मचारियों की मांग ना मानकर कमिटी बनाकर जानबूझकर लटकाने का काम करती है.
वर्षों से एक पद पर कर रहे काम
आज सभी वर्गों के कर्मचारी प्रमोशन नहीं होने के कारण वर्षों से एक ही पद पर कार्य करने को विवश हैं. कई कर्मचारियों के प्रमोशन होने के उपरांत भी आज तक उनका पदस्थापन तक नहीं किया गया है, जिससे सभी कर्मियों में रोष है. संघ ने कहा कि अपने पूर्व में किए गए वादे के अनुसार 6% विशेषऊर्जा भत्ता, अनुबंध कर्मियों का स्थायीकरण, तकनीकी कर्मियों का ग्रेड पे 3000/-, वर्षों से लंबित सामूहिक पारस्परिक स्थानांतरण, गैर तकनीकी/ तकनीकी कर्मियों को प्रोन्नति जल्द से जल्द लागू किया जाए. यूनियन के महामंत्री वरूण कु सिंह ने कहा कि यदि पूर्व में हुआ समझौता लागू नहीं किया जाता है तो हम आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.वहीं संघ के अध्यक्ष आशीष कुमार ने कहा कि वर्तमान सरकार कर्मचारियों के हित में काम करती है तथा सरकार से अनुरोध करती है वह मामले में जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर मजदूरों को हक दिलाये.
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