
New Delhi: महाराष्ट्र की सियासत में पिछले एक महीने से चल रहा ड्रामा 24 घंटों के लिए फिर टल गया है. सरकार गठन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई एकबार फिर टल गयी है. सोमवार को हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले पर फैसला सुरक्षित रख लिया है.
सुप्रीम कोर्ट मंगलवार सुबह साढ़े 10 बजे मामले पर फैसला सुनायेगी. सोमवार को इस मसले पर अदालत में करीब दो घंटे तीखी बहस हुई. इस दौरान कांग्रेस-एनसीपी-शिवसेना की तरफ से जल्द-से-जल्द फ्लोर टेस्ट की मांग की गई, जबकि फडणवीस और अजित पवार की ओर से और समय मांगा गया.
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मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सुरक्षित
उच्चतम न्यायालय ने देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने के महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस की याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई.
NCP-Congress-Shiv Sena petition: Supreme Court reserves order for tomorrow 10.30 am. https://t.co/PyKO0WzEJ4
— ANI (@ANI) November 25, 2019
जहां केंद्र की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ को महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और फडणवीस के पत्र सौंपे. न्यायमूर्ति एन वी रमन, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने ये पत्र सौंपने के निर्देश दिए थे.
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि वह शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस के उस अनुरोध पर विचार नहीं कर रहा है कि उन्हें महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया जाए.
कोर्ट में बहस अब फ्लोर टेस्ट की ओर शिफ्ट हो गया है. एनसीपी की ओर से दलील पेश कर रहे कांग्रेस नेता और अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि फ्लोर टेस्ट में फडणवीस सरकार औंधे मुंह गिरेगी.
उन्होंने कहा कि अगर दोनों पक्ष फ्लोर टेस्ट को तैयार हैं तो देरी क्यों हो रही है. उन्होंने कहा कि अगर कुछ छिपाया जा रहा है तो फर्जीवाड़ा हुआ है. अजित पवार की चिट्ठी को उन्होंने फर्जी बताया है. अभिषेक मनु सिंघवी की तरफ से चिट्ठी को फ्रॉड बताने पर मुकुल रोहतगी भड़के और उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई.
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राज्यपाल ने दिया है 14 दिनों का वक्त
सुनवाई के दौरान मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राज्यपाल ने फ्लोर टेस्ट के लिए 14 दिनों का वक्त दिया है. उन्होंने कहा कि प्रोटेम स्पीकर के बाद स्पीकर का चुनाव जरूरी है, जबकि विपक्ष प्रोटेम स्पीकर से ही काम कराना चाहता है.
मुकुल रोहतगी ने कहा कि अगले सात दिन में फ्लोर टेस्ट नहीं हो सकता है, कल भी फ्लोर टेस्ट का ऑर्डर ना दिया जाए.
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 24 अक्टूबर को चुनावी नतीजे आये थे. उसके बाद से ही सरकार गठन को लेकर जोड़तोड़ में पार्टियां जुटी हुई हैं. शिवसेना-एनसीपी और कांग्रेस मिलकर सरकार बनाने वाली थी, लेकिन शनिवार को सुबह आठ बजे देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद की शपथ ली. जबकि अजीत पवार ने डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली है.
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