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पारा शिक्षकों के आंदोलन के समर्थन में 30 नवंबर को राजभवन के समक्ष धरना देगा झाविमो

Ranchi : झाविमो ने पारा शिक्षकों के आंदोलन के समर्थन में पार्टी कार्यकता द्वारा राजभवन के समक्ष 30 नवंबर को धरना देने की घोषणा की है. पार्टी ने रविवार को रांची महानगर कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक में यह तय किया. एक ओर राज्य में पारा शिक्षक अपनी मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, वहीं राज्य में मनरेगाकर्मी, पंचायत के मुखिया भी कलमबंद हड़ताल पर हैं. ऐसे में पार्टी द्वारा संविदा के आधार पर नियुक्त पारा शिक्षकों के आंदोलन का समर्थन करना सरकार के लिए परेशनी का सबब बन सकता है.

झारखंडियों का अस्तित्व मिटाने पर तुली है सरकार : राजीव रंजन मिश्रा

बैठक को संबोधित करते हुए पार्टी के केंद्रीय सचिव राजीव रंजन मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार झारखंडियों का अस्तित्व मिटाने पर तुली है. पारा शिक्षकों पर जिस प्रकार से सरकार ने दमनात्मक कार्रवाई की है, वैसी कार्रवाई करने में अंग्रेजों को भी शर्म आती. उन्होंने कहा कि शिक्षक नियुक्ति में 75 प्रतिशत बाहरी लोगों की बहाली स्थानीय लोगों के प्रति सरकार की मानसिकता दर्शाती है. उन्होंने कहा कि 30 नवंबर को राज्यभर से हजारों की तादाद में कार्यकर्ता शामिल होंगे. उन्होंने सभी पदाधिकारियों से महाधरना में हजारों की तादाद में पहुंचने का आह्वान किया.

तैयार की गयी महाधरना की रणनीति

रांची महानगर कार्यसमिति बैठक में मुख्य रूप से झारखंड सरकार द्वारा राज्य के पारा शिक्षकों पर बर्बरतापूर्ण कार्रवाई, शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया में राज्य के बाहर से 75% लोगों की नियुक्ति और कथित गलत स्थानीय नीति के विरोध में पार्टी द्वारा पूर्व घोषित 30 नवंबर को राजभावन, रांची के समक्ष एक दिवसीय महाधरना को सफल बनाने को लेकर तैयारी की समीक्षा की गयी एवं रणनीति तैयार की गयी.

ये थे मौजूद

बैठक में मुख्य रूप से झाविमो के केंद्रीय सचिव राजीव रंजन मिश्रा, युवा मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष उत्तम यादव, जितेंद्र वर्मा, केंद्रीय सदस्य मुजीब कुरैशी, शिवा कच्छप, नजीबुल्लाह खान, मंतोष सिंह, बल्कु उरांव, मुन्ना बड़ाईक, जितेंद्र कुमार (रिंकू), संजय टोप्पो, दीपू गाड़ी, गीता नायक, जीवेश सोलंकी, सूरज टोप्पो, भूपेंद्र सिंह, शिव संकर साहू, अकबर कुरैशी, महाबीर नायक, सतेंद्र वर्मा, अमित सिंह, पंकज पांडेय, नदीम इकबाल, नितिन घोष सहित दर्जनों पदाधिकारी शामिल हुए.

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