
Ranchi : कल्याण विभाग की उपलब्धि बताने के लिए मंत्री लुईस मरांडी ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेंस की,. जिसमें उन्होंने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग के लिए किये गए विभागीय उपलब्धियों को खूब बताया. लेकिन जब पत्रकारों ने मंत्री से हज कमेटी पुर्नगठन करने पर सवाल किया तो मंत्री लुईस मरांडी और विभागीय सचिव हिमानी पांडेय दोनों ही चुप्पी साध गयीं.
हालांकि कई बार इस मामले की जानकारी लेने की कोशिश की गयी, लेकिन मंत्री और सचिव ने एक सिरे से मामले को अनसुना कर दिया. जबकि उपस्थित पत्रकारों ने इसपर मंत्री और सचिव की चुटकी भी ली. लेकिन इसके बावजूद भी दोनों ने चुप्पी ही साधे रखी. हालांकि प्रेस कांफ्रेंस खत्म होने के बाद लुईस मरांडी ने कहा कि देवघर जाना है. लेकिन इससे पहले हज कमेटी को लेकर बैठक भी करनी है.
गौरतलब है कि 2018 में गठित हज कमेटी को हाईकोर्ट ने 13 दिसंबर को भंग कर दिया था. साथ ही कल्याण विभाग को आदेश दिया था कि जल्द से जल्द राज्य में हज कमेटी का पुर्नगठन किया जायें. लेकिन सात महीना बीतने के बाद भी मामला ठंडे बस्ते में ही है.
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वन पट्टा के नाम पर गांव खाली होने पर संज्ञान लेने की बात की
इस दौरान वनाधिकार अधिनियम के तहत 2014 से लेकर अब तक विभाग की ओर से 61,970 वन पट्टा निर्गत किया गया. इसकी जानकारी देते हुए सचिव हिमानी पांडेय ने कहा कि जितने भी वन पट्टा से संबधित मामले हैं, उनमें देखा गया है कि अधिकांश को ग्रामसभा की ओर से ही निरस्त किया गया है.
ऐसे में जिला स्तरीय समन्वय समिति की ओर से जांच चल रही है. आने वाले समय में ये जांच पूरी हो जायेगी. जब उनसे पूछा गया कि कई ग्रामीणों के पास सामुदायिक वन पट्टा नहीं होने के कारण कुछ गांव खाली हुए हैं, तो उन्होंने कहा कि ऐसे गांव के बारे में जानकारी नहीं है. खबर मिलने पर संज्ञान लिया जायेगा.
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अनुसूचित क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए दस योजनाओं को स्वीकृति
विभाग की आगामी योजनाओं की जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि आने वाले छह माह में अनुसूचित क्षेत्रों में जलापूर्ति के लिए दस योजनाओं को स्वीकृति दी गयी है. जिससे आने वाले समय में लागू किया जायेगा. इन योजनाओं के तहत लातेहार, गुमला, रांची, साहेबगंज, दुमका और सिमडेगा में जलापूर्ति के लिये पाइप बिछाने की योजना है. इसके लिए टीएसपी से 66.45 करोड़ की राशि आवंटित की गयी है. वहीं इसके अतिरिक्त 61.48 करोड़ की लागत से 586 सोलर बेस्ड एचवाईडीटी लगायें जायेंगे. इसमें 431 सोलर एचवाईडीटी अति कमजोर जनजातिय गांवों के लिए है.
4 एकलव्य विद्यालयों को सीबीएसई से मान्यता
कल्याण विभाग की ओर से संचालित एकलव्य और आवासीय विद्यालयों की जानकारी देते हुए इन्होंने कहा कि 2014 के पहले राज्य में 132 आवासीय विद्यालय संचालित थे. अब 143 आवासीय विद्यालय है. इन 143 आवासीय विद्यालयों में 18 विद्यालय एकलव्य और अन्य आश्रम विद्यालय के रूप में चल रहे हैं.
इन्होंने बताया कि इस साल इन स्कूलों में नामाकंन के लिए 53,579 आवेदन आये, जबकि रिक्तियां 2598 थी. ऐसे में इन विद्यालयों के प्रति लोगों की रूचि बढ़ी है. वहीं चार एकलव्य विद्यालयों को सीबीएसई से मान्यता प्राप्त करायी गयी. जबकि अन्य 14 के लिए प्रस्ताव दिया गया है. जो आने वाले समय में हो जायेंगे.
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