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लोकसभा चुनाव 2019 : पांचवे फेज में इन दिग्गजों की साख दांव पर, कांटे की है टक्कर

NW Desk : लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवें चरण के लिए मतदान जारी है. पांचवे चरण में सात राज्यों की 51 लोकसभा सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं. इस चरण में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है.

इन दिग्गजों में सोनिया गांधी और राहुल गांधी से लेकर राजनाथ सिंह, स्मृति ईरानी,दिनेश त्रिवेदी, राजीव प्रताप रूड़ी, राज्यवर्धन सिंह राठौर, साध्वी निरंजन ज्योति और अर्जुन मुंडा हैं.

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पांचवे चरण में इन दिग्गजों की किस्मत दांव पर

सोनिया गांधी : सोनिया गांधी ने रायबरेली सीट पर सबसे ज्यादा चार बार जीतकर एक रिकॉर्ड बनाया है. अब तक इस सीट पर कांग्रेस का कोई भी दिग्गज चार बार चुनाव नहीं जीत पाया है.

लोकसभा की इस सीट पर फिरोज गांधी से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी चुनाव लड़ चुकी हैं. सोनिया ने रायबरेली से पहली बार 2004 में चुनाव जीता था. इसके बाद 2006 में इस सीट पर हुए  उपचुनाव में भी जीत हासिल की थी. फिर 2009 और 2014 में भी लगातार सोनिया गांधी पर रायबरेली की जनता ने अपना विश्वास जताया था.

राहुल गांधी :  यूपी की अमेठी सीट कांग्रेस की पुश्तैनी सीट है. अब तक 16 लोकसभा चुनाव और 2 उपचुनाव इस सीट पर हुए हैं. इन सबमें कांग्रेस ने 16 बार जीत दर्ज की है. जबकि 1977 में लोकदल और 1998 में बीजेपी को इस सीट पर जीत हासिल हुई है.

जबकि बसपा अमेठी सीट और सपा अब तक रायबरेली में खाता भी नहीं खोल सकी है. साथ ही इस सीट पर राहुल गांधी 2004 से जीतते आ रहे हैं. लेकिन इस बार रायबरेली सीट पर बीजेपी की स्मृति ईरानी से राहुल को कड़ी चुनौती मिली है.

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राजनाथ सिंह : लखनऊ संसदीय सीट पर अब तक 16 बार लोकसभा चुनाव हो चुके हैं. इस सीट पर सबसे ज्यादा 7 बार बीजेपी और 6 बार कांग्रेस ने चुनाव जीता है. लखनऊ लोकसभा सीट पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कर्मभूमि रही है और वाजपेयी इस सीट से 5 बार सांसद रह चुके हैं.वाजपेयी की विरासत को अब राजनाथ सिंह संभाल रहे हैं. साल 2014 में राजनाथ सिंह ने इसी सीट से चुनाव लड़ा था और जीते भी थे. इस सीट पर इसबार राजनाथ सिंह के सामने शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा चुनाव लड़ रही हैं. वे सपा की सीट पर चुनाव लड़ रही हैं.

स्मृति ईरानी : टीवी की दुनिया से राजनीति में कदम रखने वाली स्मृति ईरानी एक बार फिर से अमेठी सीट से अपनी किस्मत आजमा रही हैं. एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष को कड़ी टक्कर दे रही हैं. 2014 के चुनाव में मोदी लहर के बावजूद स्मृति ईरानी राहुल को मात नहीं दे पायी थीं. अब फिर से स्मृति ईरानी बीजेपी की टिकट पर राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं और कड़ी चुनौती भी दे रही हैं.

राजीव प्रताप रूडी : राजीव प्रताप रूडी बिहार की हॉट सीट बनी सारण सीट से इसबार भी किस्मत आजमा रहे हैं. रूडी अटल सरकार में मंत्री भी रहे हैं. 2014 में चुनाव जीतने के बाद रूडी को मोदी सरकार में भी मंत्री बनने का अवसर मिला था. रूडी के पास यूएस फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन से ए-320 विमान उड़ाने का लाइसेंस भी मिला हुआ है. रूडी एक बार फिर सारण सीट से ही अपनी किस्मत आजमा रहे हैं और उन्हें लालू के बेटे तेजप्रताप के ससुर चंद्रिका राय से कड़ी चुनौती मिल रही है.

राज्यवर्धन सिंह राठौर :  कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौर ऐसे तो राजनीति में आने से पहले पेशेवर शूटर थे. साल 2004 में राठौर ने ओलंपिक खेलों के डबल ट्रैप इवेंट में रजत पदक जीता था. साथ ही  राठौर को 2005 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था. सेना और शूटिंग से रिटायरमेंट के बाद  2014 में राठौर ने भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ा और सांसद बने. जबकि 2014 में ही  सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री का पद भी उन्हें मिला. इसके अलावा राठौर को 2017 में युवा मामलों और खेल मंत्रालय के लिए स्वतंत्र प्रभार के साथ कैबिनेट मंत्री नियुक्त किया गया.

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 जयंत सिन्हा : पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा के बेटे जयंत सिन्हा एक बार फिर से हजारीबाग से ही अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. इसी सीट पर 2014 में भी जयंत ने जीत हासिल की थी. जयंत सिन्हा दिल्ली, बिहार और जर्मनी में रहे हैं. उन्होंने आईआईटी दिल्ली से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद हार्वर्ड बिजनेस स्कूल से एमबीए भी किया.

साध्वी निरंजन ज्योति : बीजेपी की फायर ब्रांड नेता मानी जाने वाली साध्वी निरंजन ज्योति भी इस बार भी चुनावी मैदान में हैं. ज्योति ने संगठन और पार्टी में तो संतुलन बनाकर रखा ही साथ ही  अपनी साध्वी परंपरा को भी कायम रखा. यूपी के हमीरपुर से 2 बार विधानसभा का चुनाव लड़ीं, लेकिन  हार का सामना करना पड़ा.

लेकिन 2012 के चुनाव में उन्होंने बाजी पलट दी और रिकॉर्ड वोटों से हमीरपुर विधायक चुनी गईं. वहीं 2014 के लोसभा चुनाव में साध्वी ने फतेहपुर से किस्मत आजमाया और यहां भी उन्होंने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की. अब इस बार भी निरंजन ज्योति फतेहपुर से चुनावी मैदान में हैं.

 दिनेश त्रिवेदी : तृणमूल कांग्रेस के नेता दिनेश त्रिवेदी पश्चिम बंगाल के बैरकपुर सांसद हैं. त्रिवेदी इंडो-यूरोपीय संघ संसदीय मंच के भी अध्यक्ष हैं. साथ ही रेलमंत्री भी रह चुके हैं. त्रिवेदी 1980 में कांग्रेस में शामिल हो हुए और फिर 1990 में जनता दल में शामिल हो गये.

उसके बाद 1998 में एकबार फिर पाला बदला और तृणमूल कांग्रेस शामिल हुए और पार्टी के पहले महासचिव बने.

अर्जुन मुंडा : झारखंड की खूंटी सीट हॉट सीट है. 5वें चरण में आज इस सीट के लिए भी वोटिंग जारी है. खूंटी लोकसभा सीट पर कुल 11 उम्मीदवार खड़े हैं.

इस सीट पर बीजेपी से अर्जुन मुंडा और  कांग्रेस से कालीचरण मुंडा मैदान में हैं. खूंटी लोकसभा सीट मुख्य रूप से मुंडा जनजातियों के लिए ही मशहूर है. इस सीट से 2014 में बीजेपी के करिया मुंडा जीते थे.

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