Kottayam / Thiruvananthapuram: देश में कोरोना वायरस के मद्देनजर लागू बंद के बीच केरल की 50 वर्षीय एक मां अपने बीमार बेटे से मिलने के लिए एक कार से 2,700 किलोमीटर की यात्रा करके राजस्थान पहुंच गयी.
बीमार व्यक्ति बीएसएफ का जवान है और उनकी हालत नाजुक थी. महिला ने अपनी बहू और एक अन्य रिश्तेदार के साथ यह यात्रा तीन दिन में पूरी की.
राजस्थान के जोधपुर से बात करते हुए शीलम्मा वासन ने बताया कि उनका 29 वर्षीय बेटा मांसपेशियों के उतक के सूजन मायोसिटीस से पीड़ित हैं और अब उनकी हालत में सुधार है.
उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा से हम यहां बिना किसी समस्या के पहुंच गये. एम्स जोधपुर के एक मलयाली डॉक्टर ने परिवार को अरूण कुमार के हालत के संबंध में जानकारी दी थी. इसके बाद महिला और उनकी बहू ने केरल से यह यात्रा शुरू की और वह तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात से होते हुए राजस्थान पहुंचे.
परिवार ने बताया कि केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन, केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन के कार्यालय, कांग्रेस नेता ओमान चांडी की सहायता से परिवार को पास मिला और उन्होंने यह यात्रा पूरी की.
विश्व हिंदू परिषद के स्वयंसेवकों ने परिवार को कैब और दो टैक्सी चालक मुफ्त में मुहैया कराया ताकि वह जोधपुर पहुंच सकें. कोट्टायम जिला कलक्टर पी के सुधीर बाबू ने जरूरी पास मुहैया कराया और इसके बाद सीलम्मा अपनी बहू पार्वतायंड और अन्य रिश्तेदार के साथ कोट्टायम से पंनाकाचिरा गांव से 11 अप्रैल को यात्रा शुरू की और 14 अप्रैल को जोधपुर पहुंच गयी.
जवान फरवरी में गांव आया था और वापस लौटने के बाद बीमार पड़ गया. जवान ने अपनी मां और पत्नी से मिलने की इच्छा जतायी थी. जवान का एक साल का बच्चा केरल में ही है.
इस यात्रा ने एक स्कूल शिक्षिका रजिया सुल्ताना की याद दिला जो अपने किशोर बेटे को लेने के लिए तेलंगाना से 1400 किलमीटर की यात्रा करके आंध्र प्रदेश पहुंच गयी थीं.
Kottayam / Thiruvananthapuram: देश में कोरोना वायरस के मद्देनजर लागू बंद के बीच केरल की 50 वर्षीय एक मां अपने बीमार बेटे से मिलने के लिए एक कार से 2,700 किलोमीटर की यात्रा करके राजस्थान पहुंच गयी.
बीमार व्यक्ति बीएसएफ का जवान है और उनकी हालत नाजुक थी. महिला ने अपनी बहू और एक अन्य रिश्तेदार के साथ यह यात्रा तीन दिन में पूरी की.
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केरल से राजस्थान पहुंची मां
राजस्थान के जोधपुर से बात करते हुए शीलम्मा वासन ने बताया कि उनका 29 वर्षीय बेटा मांसपेशियों के उतक के सूजन मायोसिटीस से पीड़ित हैं और अब उनकी हालत में सुधार है.
उन्होंने कहा कि भगवान की कृपा से हम यहां बिना किसी समस्या के पहुंच गये. एम्स जोधपुर के एक मलयाली डॉक्टर ने परिवार को अरूण कुमार के हालत के संबंध में जानकारी दी थी. इसके बाद महिला और उनकी बहू ने केरल से यह यात्रा शुरू की और वह तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात से होते हुए राजस्थान पहुंचे.
परिवार ने बताया कि केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन, केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन के कार्यालय, कांग्रेस नेता ओमान चांडी की सहायता से परिवार को पास मिला और उन्होंने यह यात्रा पूरी की.
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इस यात्रा ने दिलायी रजिया सुल्ताना की याद
विश्व हिंदू परिषद के स्वयंसेवकों ने परिवार को कैब और दो टैक्सी चालक मुफ्त में मुहैया कराया ताकि वह जोधपुर पहुंच सकें. कोट्टायम जिला कलक्टर पी के सुधीर बाबू ने जरूरी पास मुहैया कराया और इसके बाद सीलम्मा अपनी बहू पार्वतायंड और अन्य रिश्तेदार के साथ कोट्टायम से पंनाकाचिरा गांव से 11 अप्रैल को यात्रा शुरू की और 14 अप्रैल को जोधपुर पहुंच गयी.
जवान फरवरी में गांव आया था और वापस लौटने के बाद बीमार पड़ गया. जवान ने अपनी मां और पत्नी से मिलने की इच्छा जतायी थी. जवान का एक साल का बच्चा केरल में ही है.
इस यात्रा ने एक स्कूल शिक्षिका रजिया सुल्ताना की याद दिला जो अपने किशोर बेटे को लेने के लिए तेलंगाना से 1400 किलमीटर की यात्रा करके आंध्र प्रदेश पहुंच गयी थीं.
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