
Kumar Kamesh
Dhannad: कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में लॉकडाउन है. लॉकडाउन के कारण सभी क्षेत्रों में उत्पादन प्रभावित हुआ है. इससे कोयला नगरी धनबाद भी खासा प्रभावित हुआ है. लॉकडाउन के कारण बीसीसीएल की कोलियरियों में कोयले का उत्पादन और ट्रांसपोर्टिग लगभग ठप हो गयी है.
जिसके कारण इससे जुड़े हजारों असंगठित मजदूरों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गयी है. कोरोना संकट के कारण कोयले की ट्रांसपोर्टिंग जो रोड सेल के माध्यम से होती थी वह पूरी तरह बंद है. जिससे कोयला उद्योग से जुड़े मजदूर बेरोजगार हो गये हैं और इनके पास रोजगार का भी कोई दूसरा साधन नहीं है.
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प्रशासन से मिल रहे अनाज से कठिन है पूरे परिवार का भरण-पोषण
मजदूरों ने बताया कि प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा दिये जाने वाले अनाज भी पर्याप्त नहीं है. मजदूरों का काम बंद रहने से सभी मजदूर आर्थिक तंगी की हालत में अपना जीवन यापन कर रहे हैं. हालांकि जिला प्रशासन द्वारा अनाज उपलब्ध कराया गया है. लेकिन परिवार में सदस्यों की संख्या ज्यादा होने से दिये गये अनाज से पूरे परिवार का पालन-पोषण करना कठिन है. साथ ही परिवार में अनाज के अलावा और जरूरी सामान की भरपाई नहीं होने से परिवार के लोगों में भी मानसिक परेशानी भी बढ़ गयी है.
बाघमारा में रोड सेल से जुड़े दो हजार मजदूर हुए बेरोजगार
बीसीसीएल के एरिया 1-12 तक में कई खदानें ऐसी हैं जहां कोयले का उत्खनन पूर्व से ही बंद है. बाघमारा में विधायक ढुल्लू महतो के कारण पिछले एक वर्ष से रोड सेल का काम प्रभावित था और जब चालू हुआ तो इस महामारी के कारण फिर से बंद हो गया.
फिलहाल इन मजदूरों के अनुसार, बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन द्वारा जो प्रयास किये जा रहे हैं, वह नाकाफी है. इस महामारी के कारण रोड सेल से जुड़े लगभग दो हजार से ज्यादा मजदूर बेरोजगार हो गये हैं.
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मजदूरों के साथ ट्रक ऑनर, चालक और खलासियों भी प्रभावित
बीसीसीएल के भौंरा ईजे एरिया से जुड़े रोड सेल के मजदूर नेता रामचन्द्र भुइयां के अनुसार, फिलहाल उन्हें जिला प्रशासन द्वारा अनाज उपलब्ध तो करा दिया जा रहा है पर और जरूरी समान नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे अब परिवार का भरण-पोषण करना कठिन है.
धनबाद में ट्रक ऑनर एसोशिएशन से जुड़े शिव बालक यादव के अनुसार, बीसीसीएल की अलग-अलग कोलियरियों में रोड सेल से जुड़े लगभग दो हजार मजदूर हैं. ये मजदूर एरिया 1-12 तक की कोलियरियों में रोड सेल के माध्यम से ट्रकों में कोयला ढुलाई कर जीवन यापन करते हैं. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन की वजह से रोड सेल बंद है. इससे न सिर्फ मजदूरों, बल्कि ट्रक ऑनरों, चालकों-खलासियों को भी परेशानी हो रही है.
वहीं मजदूर यूनियन के नेता पंकज पासवान के अनुसार लॉकडाउन में हुई बंद के कारण कोयले का उत्पादन और ट्रांसपोर्टिंग के कारण असंगठित मजदूर बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. इसलिए उन्होंने जिला प्रशासन से उचित प्रशासनिक व्यवस्था की मांग की है.
लॉकडाउन खत्म होने के बाद सब कुछ होगा सामान्य: महाप्रबंधक
वहीं इस मामले में ईस्टर्न झरिया के महाप्रबंधक एके प्रसाद ने कहा कि लॉकडाउन के कारण रोड सेल बंद है. फिलहाल समस्या यह है कि कोयला का उठाव होने के बाद इसे कहां बेचा जाय. फिलहाल मुख्यालय के निर्देश के अनुसार, सीएसआर फंड से असंगठित मजदूरों कें अलावा गरीब लोगों को अनाज दिया जा रहा है. लॉकडाउन खत्म होने के बाद सब कुछ समान्य होगा.
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