
- Ranchi : कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगाये गये लॉडाउन के बीच ओडिशा के झाड़सुगुड़ा में फंसे गढ़वा के 23 मजदूरों के पास अब पैसे खत्म हो गये हैं.
दिन भर में एक वक्त का भोजन भी मिलना मुश्किल हो गया है. सभी मजदूर गढ़वा जिले के मेराल प्रखंड स्थित देवगाना के रहने वाले हैं और वेदांता एल्युमिनियम लिमिटेड, झारसुगुड़ा में ठेका मजदूर के रूप में काम करते थे.
वेदांता एल्युमिनियम प्लांट में काम करते थे

गढ़वा जिला के मेरल प्रखड के दीपू भूईया ने न्यूजविंग से संपर्क कर बताया- हमलोगों को मदद की जरूरत है. सभी 23 लोग मेरल प्रखंड के ही है. वेदांता अल्मुनियम प्लांट झारसुगुड़ा में ठेका मजदूर के रूप में काम करते थे.
लॉक डाउन होने की वजह से काम बंद हो गया. जब तक पैसा और अनाज था तब तक भरपेट भोजन मिलता रहा. लेकिन अब तो पैसे ही खत्म हो गये तो क्या खायें?.
सरकार की ओर से किसी अभी तक किसी भी तरह की मदद नहीं मिली है. सभी मजदूर डीएवी स्कूल के पास बूदमान झारसुगुड़ा में रह रहे हैं.
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घर लौटने की बेचैनी
ओडिशा सरकार ने लॉकडाउन बढ़ा दिया है. ऐसे में घर आने की बेचैनी और तड़प मजदूरों की आवाज में साफ महसूस हो रही है. दुखन चौधरी कहते हैं- अगर अपने जिले में काम मिल जाता तो परदेस में आकर दो जून की रोटी का जुगाड़ नहीं करना पड़ता.
वेदांता अल्मुनियम प्लांट में जिस ठेकेदार के पास काम कर रहे थे, उसने लॉकडाउन होने के बाद सभी को अपने घर जाने को कह दिया. गाड़ी बंद होने की वजह से झारसुगुड़ा में ही फंसे हैं.
हेल्पलाइन नम्बर पर फोन कर सम्पर्क करने के सवाल पर कहते हैं- फोन करने का प्रयास कई बार किया पर नहीं लगने से परेशान हो गये.
न्यूजविंग की अपील, मदद को आगे आयें
गढ़वा जिले के मेराल प्रखंड के 23 मजदूरों के पास पैसे और राशन खत्म हो गये हैं. इन्हें मदद की जरूरत है.
मदद के लिए आप इनके फोन नम्बर- 9040141243, 6371887653 पर सम्पर्क कर सकते हैं.
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