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पेयजल और स्वच्छता विभाग में अभियंता प्रमुख के पद के लिए अभी से ही लॉबिंग शुरू

जनवरी 2019 में सेवानिवृत होंगे प्रभारी अभियंता प्रमुख मो तनवीर अख्तर वरीयता सूची में हीरा लाल प्रसाद सबसे योग्य, पर कर दिये गये हैं दरकिनार

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Deepak
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Ranchi : पेयजल और स्वच्छता विभाग में अभियंता प्रमुख को लेकर लॉबिंग शुरू हो गयी है. प्रभारी अभियंता प्रमुख मो तनवीर अख्तर जनवरी 2019 में सेवानिवृत हो रहे हैं. इसको लेकर विभाग में अभियंताओं की हलचल शुरू हो गयी है. विभाग के मुख्य अभियंता प्रभारी (पीएमयू) श्वेताभ कुमार इस पद के लिए सबसे अधिक हाथ-पैर मार रहे हैं. इनका विभागीय सचिव के साथ काफी बेहतर संबंध भी है. वहीं विभाग के नियमित मुख्य अभियंता हीरा लाल प्रसाद को कोई पूछ नहीं रहा है. अभियंता प्रमुख का पद इसलिए महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि वह विभाग के सभी अभियंताओं को हेड करता है और विभागीय सचिव के पास कोई भी संचिका इन्हीं के मार्फत भेजी जाती है. कनीय अभियंताओं की पोस्टिंग, प्रमोशन से लेकर सहायक अभियंता, कार्यपालक अभियंता की पोस्टिंग, स्थानांतरण-पदस्थापन, जलापूर्ति योजनाओं के क्रियान्वयन और उसकी समुचित व्यवस्था तय करने की जवाबदेही इनकी होती है. ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रम और स्वच्छ भारत मिशन को छोड़ अन्य सभी कार्य अभियंता प्रमुख के जिम्मे ही है.

हीरा लाल प्रसाद को छोड़ अन्य कोई भी नहीं रखता है अर्हता

विभाग के अभियंता प्रमुख पद के लिए हीरा लाल प्रसाद को छोड़ अन्य कोई अभियंता इसकी अर्हता नहीं रखते हैं. हीरा लाल प्रसाद 2012 से नियमित मुख्य अभियंता हैं. सरकार ने इन्हें और 1987 बैच के ही मार्टिन खलखो को नियमित मुख्य अभियंता बनाया था. मार्टिन खलखो अब सेवानिवृत हो चुके हैं. श्री प्रसाद अब मुख्य अभियंता मुख्यालय के पद पर हैं. ये अनुसूचित जनजाति संवर्ग से आते हैं. ये वर्तमान सरकार में 19 मार्च 2015 से लेकर 10 अक्तूबर 2016 तक विभाग के अभियंता प्रमुख के पद पर कार्य भी कर चुके हैं. दूसरी ओर सामान्य वर्ग के श्वेताभ कुमार भी 1987 बैच के अभियंता हैं. फिलहाल वे प्रभारी मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत हैं. 1987 बैच के उमेश गुप्ता, संजय झा, ब्रजमोहन प्रसाद, यमुना राम, रामप्रवेश सिंह और राजेंद्र प्रसाद भी हैं. पर ये अधीक्षण अभियंता के पद पर ही हैं. इन्हें प्रमोशन देकर मुख्य अभियंता नहीं बनाया गया है.
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अभियंता प्रमुख के पद के लिए दो वर्ष तक नियमित मुख्य अभियंता रहना जरूरी

अभियंता प्रमुख के पद के लिए दो वर्ष तक नियमित मुख्य अभियंता का अनुभव रहना जरूरी है. पर झारखंड में प्रभारी व्यवस्था के तहत ही सारे काम काज हो रहे हैं. प्रभारी व्यवस्था में ही अब तक विभागों के उच्चतम पद पर प्रोन्नति दिये जाने का सिलसिला चलता आ रहा है. इतना ही नहीं अभियंता प्रमुख पद के लिए अधिकारी का चरित्र प्रमाण पत्र भी बेहतर रहना जरूरी है.

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