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पुलिस महकमे के एक खास वर्ग का नौकरशाही में वर्चस्व, राष्ट्रपति से शिकायत

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Ranchi:  सिटीजंस फोरम ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से झारखंड के पुलिस महकमे में एक खास वर्ग द्वारा नौकरशाही पर वर्चस्व बनाने की शिकायत की है. फोरम ने राष्ट्रपति को लिखे पत्र में कहा है कि इस वर्ग का विभाग में काफी वर्चस्व है और इनका रवैया दूसरी जाति के अधिकारियों के साथ सही नहीं है. फोरम ने अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया है. ताकि, लोकशाही में सुधार लाया जा सके और नीचले तबके के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ा भी जा सके.

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बातचीत की सीडी वायरल, खास जाति को तरजीह देने की बात

पुलिस अधिकारी के एक वायरल हुए सीडी के बाबत लिखा है कि एक युवा आईपीएस अधिकारी और पलामू के एसपी इंद्रजीत महथा ने इन बातों का खुलासा मीडिया से जुड़े एक शख्स से की है. फोरम ने कहा है कि बातचीत में सिर्फ आईपीएस अधिकारी अपनी जाति की बात तक ही सीमित हैं, जिसमें अपनी बातों को लाने के लिए मीडिया का उपयोग करने की बातों का भी जिक्र है. मीडिया में भी वैसे ही लोगों को तरजीह दी गयी है, जो पुलिस अधिकारी के जाति के ही हैं. युवा अधिकारी ने दूसरी जाति (आरक्षित कोटे) के अधिकारियों के खिलाफ नकारात्मक टिप्पणी भी की है. इससे अधिकारी का एससी, एसटी और ओबीसी जाति के अफसरों के प्रति नजरिया भी स्पष्ट होता है.

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संवाद में पूर्व डीजीपी समेत आईपीएस अधिकारी के खिलाफ अपमानजनक टिप्‍पणी

बातचीत में उपयोग में लाये गये लफ्जों से यह प्रतीत होता है कि व्यक्तिगत बातचीत पूरी तरह अनुसूचित जाति, जनजाति अधिनियम के विरुद्ध है. अधिकारी की कथनी से भी यह स्पष्ट है कि गरीब, नीचले तबके के लोगों के प्रति उनका रूख कैसा है. संवाद के क्रम में पूर्व डीजीपी जीएस रथ और आईपीएस अधिकारी मदन मोहन लाल के खिलाफ की गयी टिप्पणी भी अपमानजनक है. अपने मातहत अधिकारियों को पुलिस महकमे में उपयोग करने का स्टाईल भी बातचीत से स्पष्ट होता है.

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