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लातेहार : 500 मजदूरों को 11 माह से नहीं मिली मजदूरी, 6 सूत्री मांगों को लेकर हुआ धरना प्रदर्शन

Latehar : पलामू टाइगर रिजर्व के 500 दैनिक मजदूरों को पिछले 11 महीने से मजदूरी नहीं मिली है. बुधवार को अपनी 6 सूत्री मांगों को लेकर बेतला नेशनल पार्क के मुख्य द्वार पर मजदूरों ने झारखंड वन श्रमिक यूनियन के तत्वावधान में धरना प्रदर्शन किया. धरना में बतौर मुख्य अतिथि संघ के अध्यक्ष सिद्धनाथ झा ने भाग लिया.

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मौके पर सिद्धनाथ झा ने कहा कि वन विभाग के वरीय अधिकारियों की मनमानी के कारण पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र में काम करने वाले दैनिक मजदूरों को 11 माह से मजदूरी नहीं मिली. भुगतान करने के बजाए विभाग सिर्फ आश्वासन दे रहा है. सेवा को नियमित करने की लड़ाई कोर्ट से जाकर लड़ी, जिसमें हम सभी की जीत होने के बावजूद अब तक वन विभाग के द्वारा नियमित करने के बजाए अलग-अलग दलील देकर मजदूरों का शोषण किया जा रहा है. इसके खिलाफ संगठन चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन करेगा.

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उन्होंने सरकार से मजदूरों की बकाया मजदूरी का भुगतान करने और वन श्रमिकों की सेवा के नियमितीकरण की मांग की. साथ ही वन श्रमिकों की छंटनी का जो कार्य किया जा रहा है, उस पर रोक लगाने का आग्रह किया. श्रमिकों को प्रतिदिन 8 घंटे और रविवार को अवकाश देने, श्रमिकों की वृद्धि दर एवं मासिक परिश्रमिक का भी निर्धारण करने, वन क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के लिए कारखाना अधिनियम लागू करने की मांग की गयी. मांगों को वन विभाग और सरकार द्वारा नहीं मानने पर 15 दिनों के बाद प्रमंडलीय कार्यालय में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की जाएगी, जिसकी पूरी जवाबदेही विभागीय अधिकारियों की होगी.

मौके पर संघ के मोहम्मद मोमिन अंसारी, महामंत्री सुधीर तिवारी, संयुक्त मंत्री बेनेडिक लकड़ा, क्षेत्रीय मंत्री महुआडांड़ श्रीकांत मिश्रा, क्षेत्रीय मंत्री महुआडांड़ सुरेंद्र मेहता, उपाध्यक्ष मुकुट स्टेफन तिर्की, संयुक्त सचिव नीलू गोपाल, क्षेत्रीय मंत्री गारू पूर्वी अशोक सिंह, कोषाध्यक्ष बलराम यादव के साथ-साथ विभिन्न रेंज से आए दैनिक मजदूरों ने अपने विचार रखें और वन विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली. बाद में मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र निदेशक पलामू व्याघ्र परियोजना के नाम मांग पत्र सौंपा गया.

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