न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

देर रात सोने वाले स्‍मार्ट, ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं :  रिसर्च

ऐसे लोग अक्‍सर अपनी बातों, भावों, विचारों को पुख्‍ता ढंग से रखने के लिए ऐसी भाषा का इस्‍तेमाल कर जाते हैं, जो शिष्‍टता के दायरे में नहीं आते.

302

NwDesk : आप देर से सोते हैं. अभद्र भाषा का प्रयोग तुलनात्मक रूप में अधिक इस्‍तेमाल करते हैं. तो एक शोध के बारे में जानना आपके लिए जरूरी है. बता दें कि एक रिसर्च में दावा किया गया है कि ऐसे लोग आमतौर पर ईमानदार और बुद्धिमान होते हैं.  शोध के अनुसार इस तरह के लोग बेतरतीब ढंग से जीने के आदि होते हैं. वे बहुत सुव्‍यस्थित नहीं होते. शोध में सामने आया है कि ऐसे लोग अक्‍सर अपनी बातों, भावों, विचारों को पुख्‍ता ढंग से रखने के लिए ऐसी भाषा का इस्‍तेमाल कर जाते हैं, जो शिष्‍टता के दायरे में नहीं आते. शोध में दलील दी गयी है कि इस तरह के शब्‍दों का प्रयोग ऐसे लोगों की भाषा के प्रवाह और शब्‍दावली पर पकड़ को भी दर्शाता है.

 इसे भी पढ़ें : संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना का संरक्षण करना न्यायपालिका की प्राथमिक जिम्मेदारी : मनमोहन सिंह

जिनका बौद्धिक स्‍तर (आईक्‍यू) अधिक होता है, वे रात में अधिक सक्रिय होते हैं

शेाध के अनुसार जिन लोगों का बौद्धिक स्‍तर (आईक्‍यू) अधिक होता है, वे रात में अधिक सक्रिय होते हैं. इस कारण देर रात तक जगते हैं.  जिन लोगों का आईक्‍यू 75 से कम होता है, वे रात में 11:41 बजे तक जगते हैं और जिन लोगों का आईक्‍यू 123 से अधिक है, वे आमतौर पर मध्‍यरात्रि के बाद यानी 12:30 बजे तक जागते हैं. शोध में इस तरह के लोगों को स्‍मार्ट बताया गया है. कहा गया कि स्‍मार्ट लोगों में बाकियों की तुलना में चीजों और परिस्थितियों के अनुसार अनुकूलन क्षमता अधिक होती है. ऐसे लोग समस्‍याओं का समाधान खोजने में दिलचस्‍पी रखते हैं. वैज्ञानिक अल्‍बर्ट आइंसटीन के अनुसार बुद्धिमान लोगों की निशानी उनका ज्ञान नहीं,  कल्‍पनाशीलता है.

रिसर्च में सामने आया है कि ऐसे लोगों का चीजों को देखने का नजरिया सकारात्‍मक होता है. वे हर चीज में सकारात्‍मकता खोजते हुए उसमें से सर्वश्रेष्‍ठ निकालने की कोशिश करते हैं. ऐसे लोग अपनी गलतियों से सीखने वाले होते हैं.  रिसर्च में यह भी कहता है. ऐसे लोग अधिक नैतिक होते हैं. इस संबंध में मार्टिन लूथर किंग जूनियर ने कहा था कि शिक्षा के माध्‍यम से व्‍यक्ति में आलोचनात्‍मक और सघन नजरिया विकसित होना चाहिए.

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

o1
You might also like