
Dharmendra pathak
Chatra : शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से सदर अस्पताल चतरा में एसएनसीयू वार्ड स्थापित किया गया है. मगर, यह वार्ड इन दिनों भगवान भरोसे चल रहा है. वार्ड की बदहाल स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि वार्ड में भर्ती किए जाने वाले वैसे बच्चे जिन्हें प्रसव के तत्काल बाद पीलिया होने, सांस की तकलीफ तथा वजन कम होने जैसी परेशानी होती है. वैसे नौनिहाल को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए वार्ड को पूरी तरह से वातानुकूलित बनाया गया है. इस बात को ध्यान में रखते हुए वार्ड में कुल 7 एसी लगाए हैं. लेकिन एक माह से सभी एयरकंडीशन खराब पड़े हैं. इसकी सूचना एसएनसीयू प्रभारी के द्वारा करीब 20 दिन पूर्व में ही उपाधिक्षक डॉ मनीष लाल को दी गई थी. बावजूद उनका ध्यान इस ओर नहीं गया.
डीएस डॉ मनीष लाल ने कहा कि एसी के वायर चूहे काट दिए और इनमें गैस खत्म हो गया. अगर डीएस की ही बातों पर गौर करें तो उनकी लापरवाही उजागर होती दिखाई देगी. क्योंकि चूहे एक साथ सभी एसी के वायर नहीं काट दिए होंगे, एक साथ एसी का गैस नहीं समाप्त हो गया होगा. चूहे वायर काटे होंगें तो एक या दो एसी के, गैस खत्म हुआ होगा तो एक या दों एसी के. अगर खराब हो रहे एसी को अविलंब बनवा दिया गया होता तो आज सब के सब एसी खराब नहीं पड़े होते. फिलहाल वार्ड का तापमान पंखों के सहारे मेंटेन किया जा रहा है.
बताते चलें कि एसएनसीयू कक्ष अस्पताल के उपरी तल्ले पर स्थापित किए जाने के कारण वहां अधिक गर्मी पड़ती है. ऊपर से एसी खराब है. ऐसे में अगर किसी बच्चे के साथ कोई हादसा हो जाए तो इसका जिम्मेदार कौन होगा. हालांकि इस बाबत पूछे जाने पर सिविल सर्जन डॉ श्यामनंदन सिंह ने कहा कि एसी खराब होने की सूचना मिली है. डीएस को उसे अविलंब दुरुस्त कराने का निर्देश दिया गया है. उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी खराब एसी को दुरुस्त करा लिया जायेगा.




