
Ranchi : देश में अग्रणी रोजगार सृजन करने वाली एजेंसी लेबरनेट ने राज्य सरकार के साथ एकरार खत्म कर दिया. एक साल पहले राज्य सरकार ने श्रमिकों को रोजगार मुहैया कराने के लिये लेबरनेट के साथ एमओयू किया था. एजेंसी देश की अग्रणी संस्थाओं में है, जो रोजगार सृजन और लाइलीवुड पर काम करती है. कुछ महीनों पहलें एजेंसी ने राज्य सरकार के साथ हुए एमओयू को निरस्त कर दिया. इसके साथ ही राज्य में मजूदरों से संबधित रोजगार सृजन अब श्रम कंट्रोल रूम कर रही है. इस संबध में एजेंसी ने श्रम विभाग को मेल कर जानकारी दी थी. बात दें राज्य सरकार ने पिछले साल सितंबर में एजेंसी के साथ एमओयू किया था. जिसका मकसद, प्रवासी मजदूरों को राज्य में काम दिलाना था.
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नहीं मिल रहे थे कुशल मजदूर
श्रम कंट्रोल रूम की मानें तो, एजेंसी ने पिछले साल जनवरी से मार्च के बीच, प्रवासी मजदूरों को काम दिलाने पर काम की. कंट्रोल रूम के साथ मिलकर मजदूरों की मैपिंग हुई, साथ ही केरल, तमिलनाडु जैसे राज्यों में उद्योगों में काम दिलाने के लिये सूची भी मांगी. लेकिन राज्य के मजदूरों में टेक्नीकल स्किल की कमी के कारण कंपनियों ने नौकरी नहीं दी. जानकारी है कि एजेंसी को प्रशिक्षित मजदूर चाहिये थे, जिसकी राज्य में कमी है. कंट्रोल रूम की मानें तो राज्य के मजदूर निमार्ण में अधिक दक्ष है.
किस लिए हुआ था एमओयू
लेबरनेट देश के अग्रणी एजेंसी में है. जो शिक्षा, रोजगार और उद्यम पर काम करती है. एजेंसी अगर राज्य सरकार के साथ काम करती तो, नियोक्ताओं के साथ उनके काम के लिए कामगारों की भर्ती की जाती . इसमें कामगारों को वेतन, मिलने वाला लाभ, श्रम कानूनों के अनुसार चिकित्सा, स्वास्थ्य देखभाल और रहने का आवास भी मजदूरों को मुहाया कराया जाता. मजदूरों के बच्चों को नर्सरी, प्राइमरी स्कूल सुविधाओं और क्रेच, आंगनबाड़ियों की व्यवस्था के साथ उनके प्रवास और समाजिक सुरक्षा आदि को एमओयू की शर्तों में लागू किया गया था.
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