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कोरंगा बस्ती के लोग आज भी खुले में कर रहे शौच, निगम ने किया ओडीएफ घोषित

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Dhanbad :  नगर निगम पिछले साल 2 अक्टूबर को ही ओडीएफ घोषित कर दिया है, यानी खुले में शौच मुक्त. लेकिन शहर के बीचोबीच एक दलित बस्ती में आज भी शौचालय के अभाव में दर्जनों गरीब दलित परिवार खुले में शौच जाने को विवश हैं. जिला मुख्यालय और नगर निगम कार्यालय से महज़ 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित धैया का कोरंगा दलिल बस्ती व मंडल बस्ती है. इस बस्ती में दो हजार से ज्यादा परिवार रहते हैं. कुछ लोगों को शौचालय का लाभ दिया गया, लेकिन किसी कारण एक ही किस्त मिलकर रह गई. जिससे वे लोग शौचालय को अधूरा बनाकर ही छोड़ दिया.

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आशियाने के अभाव में झोंपड़ी में गुजारा करने को मजबूर

वहीं दूसरी किस्त पाने को लेकर लाभुकों ने निगम कार्यालय का कई चक्कर लगाया, लेकिन इससे कोई लाभ नहीं मिलता देख थक हारकर छोड़ दिया. बता दें कि ये लोग दूसरे के घरों में साफ़ सफाई और मजदूरी कर परिवार वालों का भरण पोषण करते हैं. लेकिन शहर की वीआईपी कॉलोनियों की तरह इन्हें सुख- सुविधा नसीब नहीं है. कोई आशियाने के अभाव में झोंपड़ी में गुजारा करने को मजबूर हैं तो दूसरी ओर शौचालय के अभाव में दर्जनों दलित और पिछड़ी जाति के महिलाएं और पुरुष अभी भी खुले में शौच जाने को विवश हैं. लेकिन असल सवाल ये है कि पिछले 2 अक्टूबर को पूरे ताम झाम के साथ सांसद, विधायक और मेयर की मौजूदगी मे निगम के ओडीएफ फ्री होने कि घोषणा अब तक जमीनी सच्चाई नहीं बन पाई है.

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बस्‍ती के लोगों ने कहा : चुनाव के समय ही आते हैं याद

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों द्वारा शौचालय का इस्तेमाल करने की समूहिक शपथ के साथ ये भूल गए कि जिन गरीबों के पास ये सुविधा नहीं उनकी खोज खबर कौन लेगा. वहीं बस्ती के लोगों ने कहा कि दलित पिछड़ो की बस्ती  याद विधायक, सांसद को सिर्फ चुनाव के समय ही आती है. ग़ौरतलब है कि  नगर निगम ने पिछले 2 अक्टूबर 17 को ही अपने सभी 55 वार्ड को पूरी तरह ओडीएफ फ़्री होने की घोषणा की थी. लेकिन तीन माह बीतने के बाद ये दावा हक़ीक़त नहीं बन पाई. धैया कोरंगा हरिजन बस्ती का आंगनबाड़ी केंद्र भी शिक्षक के अभाव 6 माह में बेकार पड़ा है.

मेयर शेखर अग्रवाल का कहना है कि जिन्हें  शौचालय का लाभ नहीं मिला है  उन्‍हें जल्द ही  इसका लाभ दिया जाएगा और जिन लाभुकों को एक किस्त मिला है उसे भी जल्द दे दिया जाएगा, ताकि वे लोग शौचालय निर्माण कर सके, साथ ही जिन लोगों के पास जमीन रहते  पक्का मकान नहीं है उन्हें पीएम आवास योजना  का लाभ दिया जाएगा.

चंद्रशेखर अग्रवाल, मेयर धनबाद 

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