
HEAT, TEMPERATURE, ULTRA VIOLATE RAY, EXTREME LEVEL, PROTECTION
Ranchi: राजधानी रांची में गर्मी का कहर जारी है. अप्रैल के पहले हफ्ते में ही सिटी का पारा बढ़ने लगा है. शनिवार को शहर का मैक्सीमम टेंपरेचर 38 डिग्री रिकार्ड किया गया. जबकि मिनीमम टेंपरेचर 22 डिग्री रहने की संभावना जताई गई है. वहीं मौसम विभाग ने आसपास के इलाकों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया है. जिसका असर रांची में भी देखने को मिल रहा है. इतना ही नहीं अल्ट्रा वायलेट रे का लेवल भी हाई रिस्क पर पहुंच गया है. इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यूवी का लेवल 11 पर पहुंच चुका है, जो कि एक्सट्रीम लेवल है. इससे लोगों को सनबर्न होने के साथ ही कई तरह की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है.
इसे भी पढ़ें : Big News: श्रीलंका में राष्ट्रपति ने किया आपातकाल का ऐलान, आर्थिक संकट से बिगड़े हालात
सूरज चढ़ते ही जला रहा
सुबह और शाम में लोगों को गर्मी का एहसास नहीं हो रहा है. लेकिन जैसे-जैसे सूरज चढ़ रहा है लोगों को गर्मी का एहसास हो रहा है. सुबह 8 बजे से ही सूरज आसमान से आग बरसा रहा है. हालात यह है कि अभी दोपहर में बाजार में सन्नाटा पसर जा रहा है. वहीं इससे बचने के लिए लोग घरों में ही दुबक रहे है.
क्या है अल्ट्रा वायलेट रे (यूवी)
अल्ट्रावायलेट एक रे है जो सूर्य से निकलती है. ओजोन परत के नुकसान होने पर यह रे धरती पर पहुंच कर लोगों को नुकसान पहुंचाती है. अल्ट्रावायलेट रे की दो कैटेगरी है यूवीए और यूवीबी. यूवीए रे ज्यादा खतरनाक होती हैं क्योंकि ये स्किन पर लंबे समय तक रहने वाले असर छोड़ती हैं. दूसरी ओर यूवीबी रे सनबर्न और फोटो एजिंग के लिए जिम्मेदार होती हैं.
इसे भी पढ़ें : Panchayat elections की तैयारी तेज: राज्य की पुलिस ही करायेगी चुनाव,बजट भी जल्द होगा आवंटित
ये है यूवी इंडेक्स
1-3 लो रिस्क
4-7 मीडियम रिस्क
8-9 हाई रिस्क
10 वेरी हाई रिस्क
11-12 एक्सट्रीम रिस्क
यूवी से बढ़ रही परेशानी
• आंखों में लाली
• कार्निया में दर्द
• स्किन का काला होना
• धूप में रहने से जलन
• स्किन में इचिंग
• सिर-पैर-हाथ की स्किन ड्राई
• ओपन स्किन का कलर चेंज
• स्किन पर लाल रंग के दाने
• स्किन पर तेज जलन का एहसास
इसे भी पढ़ें : आरा: शहीद वीर कुंवर सिंह के वंशज के मौत मामले में पुलिस ने तीन जवानों को किया गिरफ्तार
ऐसे बचें यूवी इफेक्ट से
• धूप में कम निकलें
• सिर को ढंक कर रखें
• यूवी प्रोटेक्शन ग्लास यूज करें
• ठंडे पानी से आंखों को धोते रहे
• आंख लाल होने पर आई स्पेशलिस्ट से संपर्क करें
• फुल बांह के कपड़े पहने
आई स्पेशलिस्ट डॉ वत्सल लाल ने कहा कि इससे बचने की जरूरत है. रेगुलर यूवी आई प्रोटेक्शन ग्लास का यूज करें. कोशिश करें कि धूप में कम से कम जाए. अगर किसी भी तरह की दिक्कत हो तो खुद से कोई इलाज न करे. आई स्पेशलिस्ट से सलाह लेकर ही काम करें.
स्किन स्पेशलिस्ट डॉ आरपी साहू की माने तो सन प्रोटेक्शन फैक्टर जगह पर डिपेंड करता है. ऐसे में जो लोगों ज्यादा समय तक बाहर रहते है तो उन्हें डायरेक्ट सन एक्सपोजर से बचने की जरूरत है. इसके लिए वे फुल बांह के कपड़े पहने और सनस्क्रीन का यूज करे. कोई परेशानी हो तो तत्काल स्किन स्पेशलिस्ट से संपर्क करे.
इसे भी पढ़ें : महंगाई: आज फिर 80 पैसे महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल, जानें आज कितने में मिल रहा 1 लीटर फ्यूल?




