
Patna : बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री, राजद विधायक और लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव की विधायकी पर खतरा मंडरा रहा है. गुरुवार को पटना हाई कोर्ट ने विधायक निर्वाचित किये जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई की. मामले की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश वीरेन्द्र कुमार ने विजय कुमार यादव की चुनाव याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों को इश्यू फ्रेम कर अगली सुनवाई में कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है.
बता दें कि साल 2020 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में हसनपुर सीट से हारे हुए उम्मीदवार विजय कुमार यादव ने चुनाव याचिका दायर कर तेज प्रताप यादव के विधायक निर्वाचित किये जाने को चुनौती दी है.
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जानबूझकर संपत्ति का पूरा ब्यौरा नहीं दिया
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता जगन्नाथ सिंह ने कोर्ट को बताया कि इनके निर्वाचन को इस आधार पर चुनौती दी है कि उन्होंने चुनाव के लिए किये गए नामांकन पत्र में जानबूझकर अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा नहीं दिया है.
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए 2020 के 16 अक्टूबर को नामांकन दायर किया गया था. 17 अक्टूबर, 2020 को नामांकन पत्र की जांच की गई. फिर 19 अक्टूबर, 2020 को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि थी. 3 नवंबर,2020 को विधानसभा का चुनाव संपन्न हुआ और 10 नवंबर, 2020 को चुनाव परिणाम घोषित किए गए. इसमें तेज प्रताप यादव हसनपुर विधानसभा चुनाव क्षेत्र से जीते थे. इस मामले पर अगली सुनवाई 2 सितंबर, 2021को फिर होगी.
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