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कर्नाटक संकटः विधायकों के इस्तीफे पर SC में सुनवाई आज, कुमारस्वामी ने बुलायी कैबिनेट मीटिंग

शुक्रवार से शुरू हो रहा कर्नाटक विधानसभा का मानसून सत्र, बीजेपी ने बताया अवैध

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Bengaluru: कर्नाटक का सियासी संकट सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है. विधायकों के इस्तीफे के मसले पर गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई होगी. वहीं इन तमाम सियासी उठापटक के बीच कुमारस्वामी ने कैबिनेट की बैठक बुलायी है.

इधर, बुधवार को मुंबई में डीके शिवकुमार को हिरासत में लिया गया और जबरन बेंगलुरु भेज दिया गया. अबतक कुल 16 विधायक इस्तीफा दे चुके हैं, जिसकी वजह से कांग्रेस-जेडीएस सरकार पर संकट बना हुआ है.

खबर है कि कांग्रेस के नेता गुरुवार को विधानसभा स्पीकर से मुलाकात करेंगे. इस बैठक में बागी विधायकों के इस्तीफे के मुद्दे पर चर्चा हो सकती है.

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सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

कर्नाटक के हाई पॉलिटिक्स ड्रामा पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा. दरअसल जिन 10 विधायकों के इस्तीफे को स्पीकर ने नियम संगत नहीं बताया है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगायी है कि स्पीकर उनका इस्तीफा मंजूर नहीं कर रहे हैं.

इस कोर्ट क्या फैसला देती है, उसपर निगाहें हैं. सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, दीपक गुप्ता और अनिरुद्ध बोस की बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी.

कांग्रेस की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में अभिषेक मनु सिंघवी, कर्नाटक के बागी विधायकों की तरफ से मुकुल रोहतगी पेश होंगे.

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शुक्रवार से शुरू होगा विधानसभा का सत्र

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कर्नाटक विधानसभा का सत्र शुक्रवार को शुरू होना है. एक ओर भाजपा इस सेशन को अवैध बता रही है. दूसरी ओर कर्नाटक विधानसभा के आसपास धारा 144 लगा दी गई है.

सत्र से एकदिन पहले मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी अपनी कैबिनेट बैठक बुलायी है.
हालांकि, स्पीकर रमेश कुमार का कहना है कि अभी तक उन्होंने कोई इस्तीफा मंजूर नहीं किया है. इसका एक नियम है, वह उसके अनुसार ही काम करेंगे.

दमनकारी मानसिकता का भद्दा प्रदर्शन- कुमारस्वामी

इधर कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने मुंबई और विधान सौध की घटनाओं को लेकर भाजपा की आलोचना की. मंत्री डीके शिवकुमार को मुंबई में हिरासत में लिये जाने और यहां विधान सौध में प्रदर्शन के लिये बुधवार को भाजपा पर आरोप लगाया कि वह लोकतंत्र तथा नागरिक आचार संहिता की सभी सीमाएं लांघ रही है.

कुमारस्वामी ने कड़े शब्दों में यहां जारी बयान में कहा कि वह भाजपा से जानना चाहते हैं कि यह लोकतंत्र की राजनीति है या उसकी दमनकारी मानसिकता का भद्दा प्रदर्शन.

मुख्यमंत्री ने कर्नाटक के चार मंत्रियों को मुंबई पुलिस द्वारा हिरासत में लिये जाने का जिक्र करते हुए कहा कि यह न सिर्फ प्रोटोकॉल का उल्लंघन है बल्कि सामंती मानसिकता की झलक भी है.

कुमारस्वामी ने कहा कि भाजपा की सत्ता की भूख के कारण कर्नाटक हंसी का पात्र बन गया है. यह लोकतंत्र की राजनीति है या दमनकारी मानसिकता का भद्दा प्रदर्शन.

दरअसल, बुधवार को कर्नाटक सरकार में मंत्री डीके शिवकुमार, कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा और नसीम खान मुंबई के रेनेशॉ होटल में कांग्रेस-जेडीएस के बागी विधायकों से मिलने गए थे, लेकिन पुलिस ने होटल के बाहर ही उन्हें हिरासत में ले लिया.

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