
Ranchi: करमटोली से ओरमांझी तक सड़क चौड़ीकरण का मामला पथ निर्माण विभाग व भू-अर्जन विभाग के पेंच में फंस कर रह गया है. नतीजा यह हुआ कि यह योजना लैप्स हो गई. अब पथ निर्माण विभाग ने फिर से इस संबंध में प्रस्ताव की मांग भू-राजस्व विभाग से की है. यह योजना वर्ष 2016 की है. इस योजना को पांच साल हो गये पर अभी तक शुरू भी हो सकी.
इस सड़क को 23 किमी तक चौड़ीकरण किये जाने की योजना थी. पथ निर्माण विभाग की इस परियोजना के पहले चरण में मोरहाबादी से पोटपोटो नदी तक की सड़क का चौड़ीकरण किया जाना था. इसके लिए मोरहाबादी मौजा के 50 रैयतों से लगभग 54 प्लॉट लिये जाने थे. जिसके लिए मुआवजे के रूप में करीब 250 करोड़ से अधिक राशि का भुगतान किया जाना था.
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परियोजना के लिए मोरहाबादी टीआरआइ से लेकर चिरौंदी तक मार्किंग पूरी कर ली गयी है. फिलहाल, भू-अर्जन रांची जिला शाखा ने सर्वेक्षण का कार्य शुरू कर दिया है. मोरहाबादी के बायीं तरफ की संरचनाओं की मार्किंग भी पूरी कर ली गयी है.
काम शुरू हुआ फिर बंद हो गया
चौड़ीकरण का काम काफी तेजी से शुरू हुआ था लेकिन, अचानक बंद कर दिया गया. दायीं ओर का सर्वेक्षण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है. दोनों ओर मिलाकर लगभग 60 प्रतिशत कार्य कर लिया गया है. बताया गया कि नक्शे के आधार पर दोनों ओर मिलाकर 60 फीट चौड़ी होगी. जानकारी के अनुसार पहले चरण में केवल संरचना का सर्वे किया गया है. मुआवजे के रूप में रैयतों के बीच 250 करोड़ से अधिक राशि वितरित की जानी है.
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इन 18 गांवों के रैयतों की जमीन ली जायेगी
सड़क चौड़ीकरण की इस परियोजना के लिए 18 गांवों की जमीन ली जायेगी. ग्रामसभा हो चुकी है. इनमें 14 गांव और चार शहरी इलाके के क्षेत्र शामिल हैं.
शहरी क्षेत्रः हातमा, मोरहाबादी, चिरौंदी व भीठा.
ग्रामीण क्षेत्रः बोड़ेया, अरसंडे, पतरातू, दुबलिया, चंदवे, गोबरहप्पा, जिरावर, कुच्चू, कुल्ही, बरवे, हेसातू, डहु, हरचंदा, दड़दाग शामिल है. जबकि, गोबरहप्पा, पतरातू व कुल्ही में रैयतों को मुआवजे का भुगतान लगभग कर दिया गया है.
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