
Giridih : आज ही के दिन 19 साल पहले भारतीय सैनिकों ने युद्ध के बाद पाक पर विजय पायी थी. जिसे हम कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाते हैं. लेकिन उन सैनिक परिवारों के जख्म आज भी वैसे ही हैं, जिन्हें याद कर आंखों से आसूं नहीं रूकते. कारगिल विजय दिवस पर शहर के कई संस्थानों में कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. मुख्य कार्यक्रम शहर के बीएनएस डीएवी में आयोजित हुआ, जहां शिक्षकों और छात्रों ने भारतीय सैनिकों की शौर्यगाथा को नमन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
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कारगिल शहीद स्मारक पर फहराया तिरंगा
बीएनएस डीएवी स्कूल परिसर में बने शहीद ए कारगिल स्मारक में प्राचार्य डॉ पी हाजरा ने तिरंगा फहया और पुष्पांजलि करके कार्यक्रम की शुरूआत की. इसके बाद स्कूल छात्रों के बैंड ने शहीदों की याद में कई राष्ट्रीय गीतों की धुन बजाकर वीर सैनिकों को सलामी दी. इस अवसर पर बोलते हुए स्कूल के प्राचार्य डॉ पी हाजरा ने कहा कि हमारे देश के सैनिकों ने बड़ी निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाहन किया और अपने प्राण देश पर न्योछावर कर दिये. कारगिल और द्रास जैसे दुर्गम पहाड़ियों में छुपे देश के दुश्मनों को मार भगाना बड़ा ही कठिन कार्य था, जिसे हमारे वीर सैनिकों ने सफलतापूर्वक अंजाम देकर देश का मान-सम्मान बचाया.
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भारत के ऐसे वीर सपूतों को नमन करना हम सभी का कर्तव्य है. उन्होंने छात्रों से कहा कि जैसे हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं, उसी तरह हमें भी देश में व्याप्त कुरीतियों और बुराईयों के खिलाफ लोगों को जागरूक करना चाहिए. श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद बाल कवि सम्मेलन का भी आयोजन हुआ. इसमें कई छात्र-छात्राओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और राष्ट्रभक्ति से सराबोर कविताओं का पाठ किया.
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