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कानपुर शूटआउटः विकास दुबे का करीबी अमर दुबे मुठभेड़ में ढेर, गैंगस्टर की तलाश में छापेमारी

चौबेपुर थाने में तैनात सभी 68 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर, डिप्टी पुलिस कमीश्नर का ट्रांसफर

Lucknow: उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के बिकरू गांव में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद से पुलिस विकास दुबे की तलाश में है. घटना के छह दिन बाद वारदात के हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे का एक साथी बुधवार की सुबह हमीरपुर जिले में पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के साथ मुठभेड़़ में मारा गया.

विकास दुबे का दाहिना हाथ माना जाने वाला अमर दुबे मुठभेड़ में मारा गया है. हमीरपुर के मौदाहा में पुलिस और अमर दुबे के बीच एनकाउंटर हुआ, जिसमें पुलिस ने अमर दुबे को ढेर कर दिया. इधर, विकास दुबे की तलाश में पुलिस ने कई जगहों पर छापेमारी की है.

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वहीं घटना के बाद से सवालों के घेरे में आये चौबेपुर थाना पुलिस के 68 कर्मियों का लाइन हाजिर किया गया. साथ ही डिप्टी पुलिस कमीश्नर अनंत देव का भी तबादला कर दिया गया है.

विकास दुबे का राइट हैंड ढेर

एसटीएफ के महानिरीक्षक अमिताभ यश ने बताया कि विकास दुबे का अहम साथी अमर दुबे हमीरपुर के मौदहा में एक मुठभेड़ में मारा गया. आठ पुलिसवालों की हत्याकांड में वांटेड अभियुक्तों के वायरल पोस्टर में अमर दुबे का नाम पहले नंबर पर था. एसटीएफ और हमीरपुर पुलिस ने बुधवार सुबह उसका एनकाउंटर कर दिया.

उन्होंने बताया कि दुबे पर 25000 रुपये का इनाम घोषित था और वह पिछले हफ्ते चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में बदमाशों द्वारा घात लगाकर आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मामले में शामिल था.

अधिकारी ने बताया कि इस जघन्य वारदात का मुख्य आरोपी ढाई लाख का इनामी गैंगस्टर विकास दुबे अब भी फरार है. उसकी तलाश में पुलिस की अनेक टीमें लगी हुई हैं. विकास दुबे के फरीदाबाद के एक गेस्ट हाउस में होने की खबर मिली, लेकिन पुलिस को वहां भी निराशा हाथ लगी. पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, हम उसे पकड़ने की कोशिश में लगे हैं और हमारे दल कार्यरत हैं.

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68 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद सवालों के घेरे में आए चौबेपुर थाने में तैनात सभी 68 पुलिसकर्मियों को मंगलवार रात लाइन हाजिर कर दिया गया. पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि चौबेपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल समेत 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर करने का यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि बिकरू कांड के बाद उनकी कर्तव्यनिष्ठा संदेह के घेरे में आ गई थी.

उन्होंने बताया कि गैंगस्टर विकास दुबे को बचाने में चौबेपुर थाने के निरीक्षक विनय तिवारी तथा अन्य पुलिसकर्मियों की संलिप्तता के आरोप लगने के बाद इसकी जांच के आदेश दिए गए थे. शुरुआती जांच में यह पाया गया कि थाने में तैनात कई पुलिस उपनिरीक्षक, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे की हिमायत कर रहे थे.

प्रवक्ता ने बताया कि थाने में तैनात सभी 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है और उनके खिलाफ विस्तृत जांच की जा रही है. उसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

डिप्टी पुलिस कमीश्नर का ट्रांसफर

आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के बाद से चौबेपुर थाना पुलिस सवालों के घेरे में है. वहीं आरोपों से घिरे डिप्टी पुलिस कमीश्नर का भी ट्रांसफर कर दिया गया है. राज्य सरकार ने दुबे से संबंधों के आरोपों का सामना कर रहे पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं कानपुर के पूर्व एसएसपी अनंत देव को मंगलवार रात स्थानांतरित कर दिया.

राज्य सरकार की ओर से जारी बयान के मुताबिक देव को पीएसी मुरादाबाद भेजा गया है. बता दें कि अनंत देव उस वक्त कानपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक थे, जब बिल्हौर के पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा ने उन्हें चौबेपुर के थानाध्यक्ष विनय तिवारी और गैंगस्टर विकास दुबे के करीबी संबंध का आरोप लगाते हुए एक कथित पत्र लिखा था.

हालांकि पुलिस ने कहा था कि इस लेटर का कहीं कोई रिकॉर्ड नहीं है. वहीं अनंत देव ने कहा था कि बिकरु कांड में मारे गए बिल्हौर के पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेंद्र मिश्रा द्वारा कथित 14 मार्च को लिखे गए पत्र में किए गए हस्ताक्षर मिश्रा के दस्तखत से मेल नहीं खाते. साथ ही उसमें ना कोई तारीख है और ना ही कोई सीरियल नंबर.

गौरतलब है कि गत दो-तीन जुलाई की दरमियानी रात करीब एक बजे गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने गए पुलिस दल पर उसके गुर्गों ने ताबड़तोड़ गोलियां चला कर एक पुलिस सीओ, तीन दारोगा और चार कॉन्स्टेबल की हत्या कर दी थी.

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