
Ranchi: कांके डैम के कैचमेंट एरिया को लेकर रांची हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गयी है. छह मार्च को याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने नगर विकास विभाग को काफी खरी-खोटी सुनायी थी. चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और सुजीत नारायण प्रसाद ने पहले गूगल मैप पर डैम की हालत देखी. इसके बाद बिफर पड़े.
कहा कि कोई भी डैम एक लाइफ लाइन मानी जाती है. नगर विकास विभाग एक शपथ पत्र दायर कर बताएं कि विभाग ने डैम की जमीन पर अतिक्रमण के मामले पर क्या कदम उठाया है. साथ ही चीफ जस्टिस ने सुनवाई के दौरान डैम के आस-पास जितने भी निर्माण हो रहे हैं उसपर रोक लगा दी. जिसके बाद से विभाग रेस है. कोर्ट के आदेश के बाद से ही नगर निगम डैम की कितनी जमीन पर अतिक्रमण हुआ है, उसकी पूरी लिस्ट तैयार कर रहा है. सभी अतिक्रमणकारियों के नाम दर्ज किए जा रहे हैं.
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शुरुआत छोटी मछलियों से
नगर निगम और प्रशासन की तरफ से डैम के कैचमेंट एरिया जाकर लिस्ट तैयार की जा रही है. जिसकी शुरुआत फेसल इलाके से की गयी है. यहां बस्ती बना कर कई लोग रह रहे हैं. जबकि कांके डैम का बड़ा इलाका जो सीएमपीडीआइ के पास से शुरू होता है, वहां कई बड़े बिल्डिंग बन रहे हैं. दर्जनों प्रोजेक्ट तैयार होने की कगार पर हैं.
ये प्रोजेक्ट शुद्ध रूप से कांके डैम की जमीन पर अतिक्रमण कर बनाए जा रहे हैं. लेकिन निगम या अंचल के अधिकारियों की तरफ से किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. डंडा चल रहा है तो सिर्फ छोटे अतिक्रमणकारियों पर. बताते चलें कि 1952 में कांके डैम के लिए 459 एकड़ की जमीन ली गयी थी. जबकि आज के समय में उस जमीन के 50 फीसदी जमीन पर अतिक्रमण हो चुका है. यहां तक कि डैम के पानी के बिल्कुल पास में बाउंडरी वॉल भी तैयार कर ली गयी है.
कांके अंचल के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कांके डैम 459 एकड़ से सिमट कर अब सिर्फ 180 एकड़ पर ही बच गया है. आये दिन कांके डैम के आस-पास की जमीन पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई होती है. लेकिन अतिक्रमण का सिलसिला लगातार बढ़ता ही जा रहा है.
सभी को दिया जायेगा नोटिस, अभी शुरुआतः उप नगर आयुक्त
इस मामले पर रांची नगर निगम के उप नगर आयुक्त शंकर यादव ने कहा कि निगम की तरफ से किसी एक खास जगह को चुनकर कार्रवाई नहीं की जा रही है. जिला प्रशासन की तरफ से अतिक्रमण की गयी जमीन की पूरी जानकारी निकाली जा रही है. इसमें दो प्रकार की जमीन है. एक जो पानी में है और दूसरा जो कैचमेंट एरिया की सूखी जमीन है.
कांके डैम के आसपास करीब पांच बस्ती हैं. शुरुआत तो किसी एक बस्ती से ही करनी होगी. यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है. हमारा पहला काम अतिक्रमण कर ली गयी जमीन को चिन्हित करना है. और उसके बाद विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी.
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