
- तीन शिफ्ट में बंटी महिलाएं
- एक दूसरे से दूरी बनाकर बैठ रही महिलाएं
- जब तक केंद्र सरकार मांग नहीं मानती आंदोलन जारी रहेगा
Ranchi : दिल्ली शाहीन बाग की तर्ज पर राजधानी के कडरू स्थित हज हाउस के पास मुस्लिम महिलाएं धरना पर बैठी हैं. धरना पिछले 59 दिनों से सीएए, एनआरसी और एनपीआर के विरोध में किया जा रहा है. साथ ही शाहीन बाग में बैठी महिलाओं के समर्थन में भी. कोरोना वायरस का असर हर तरफ देखा जा रहा है. इसे लेकर कडरू शाहीन बाग में भी महिलाएं सतर्कता बरत रही हैं.
प्रदर्शन स्थल का मुआयने करने पर महिलाओं को दूर-दूर बैठी देखी जा रही हैं. कुछ महिलाएं मुंह पर दुपट्टा तो कुछ महिलाओं को मास्क लगाये देखा गया. महिलाओं ने एक जुट होकर कहा कि कोरोना वायरस का डर भले हो, लेकिन सतर्कता के साथ आंदोलन जारी रहेगा.
महिलाओं का कहना है कि जब तक दिल्ली के शाहीन बाग में आंदोलन खत्म नहीं होगा और केंद्र सरकार हमारी मांगों को नहीं मान लेती धरना जारी रहेगा. महिलाओं के हौसले और सतर्कता का अंदाजा लगाया जा सकता है कि धरना स्थल में ही कॉटन बॉल में सेनेटाइजर लगाकर महिलाओं के बीच बांटा जा रहा है.
इसे भी पढ़ें – तबरेज अंसारी की पत्नी ने विधानसभा पहुंच सरकार से मांगी नौकरी, बोले रणधीर – ये सरकार नहीं सर्कस है
तीन शिफ्ट में बंटी महिलाएं, समय बदला
धरना में पिछले 59 दिनों से लगातार शामिल हो रही गजाला ने जानकारी दी कि महिलाएं सतर्कता बरत रही हैं. कोरोना वायरस को लेकर सतर्कता जरूरी है, क्योंकि महिलाओं को बच्चों और परिवार को भी देखना है.
साथ ही बताया कि यहां तीन शिफ्ट में महिलाओं को बांटा गया है. क्योंकि दिल्ली शाहीन बाग में प्रदर्शन के समय में बदलाव किया गया है. इसलिए यहां भी सुबह दस से शाम आठ बजे तक समय तय किया गया है. हालांकि कुछ महिलाएं, जो दूरस्थ क्षेत्रों से आती हैं. ऐसी महिलाओं में से कुछ हज हाउस में ही रूकतीं है. जो सुबह से ही धरना में बैठी रहती है.
कॉटन बॉल में सेनेटाइजर लगाकर बांटा जाता है
राबिया रानी नियाज ने जानकारी दी कि डॉ करूणा झा इस आंदोलन में लगातार शामिल हो रही हैं. पिछले सप्ताह उन्होंने प्रदर्शन में बैठी महिलाओं को कोरोना वायरस से जागरूक किया. साथ ही सेनेटाइजर समेत अन्य चीजें दीं. महिलाएं खुद ही इस आंदोलन का नेतृत्व भी कर रही है.
राबिया ने बताया कि जिन महिलाओं में जागरूकता की कमी है, उन्हें लगातार जागरूक किया जा रहा है. राबिया ने बताया कि कॉटन बॉल में सेनेटाइजर लगाकर दिन में पांच से छह बार बांटा जाता है. साथ ही बताया कि प्रदर्शन अनिश्चितकालीन है जो जारी रहेगा, जब तक सरकार मांग पूरी नहीं करती.
इसे भी पढ़ें – पूर्व सीएम रघुवर दास के खिलाफ पथ निर्माण विभाग में जांच को लेकर बनी समिति, बीजेपी ने किया हंगामा
आयोजक ला रहे मास्क, महिलाओं से नहीं लिए पैसे
रिजवाना रफत ने जानकारी दी कि महिलाओं के लिए मास्क लाया जा रहा है. बाजार में मास्क और सेनेटाइजर की कमी है. ऐसे में आने वाले एक दो दिनों में व्यवस्था हो जायेगी. इसके लिए किसी भी महिला से पैसे नहीं लिये गये हैं. जो भी महिलाएं शिफ्ट बदलती हैं, उन्हें सेनेटाइजर दिया जाता है. जो लोग बाहर से आते हैं, उन्हें भी दिया जाता है. रिजवाना ने कहा कि नकाब की परंपरा होने के कारण महिलाएं पहले से ही सर्तक हैं.
सीएए के साथ कोरोना की दी जा रही जानकारी
स्वास्तिका संघमित्रा ने कहा की धरना पर बैठी महिलाओं को सीएए, एनआरसी और एनपीआर के साथ साथ कोरोना की भी जानकारी दी जा रही है. स्वास्तिका भी इन महिलाओं के साथ प्रदर्शन में शामिल होती हैं.
उन्होंने कहा कि नकाब और पांच बार नमाज के कारण महिलाएं ऐसे भी साफ सफाई का पूरा ध्यान देती हैं. तो इससे अधिक डर नहीं. हां दूरी बनाये रखने की बात है. जो महिलाओं को समझाया गया है और महिलाएं इसे मान भी रही हैं.
पास-पास नहीं थोड़ी दूरी के साथ जारी है आंदोलन
शाहीन परवीन नाम की महिला ने बताया कि महिलाओं को दूरी में बैठे देखा जा सकता है. सतर्कता बरती जा रही है. लेकिन एकता बनी हुई है. मास्क की व्यवस्था भी की जा रही है. अब केंद्र सरकार से बस यही मांग है कि, महिलाओं की मांगों को पूरा करें. दिल्ली शाहीन बाग से महिलाओं का आंदोलन खत्म करने पर यहां भी आंदोलन खत्म कर दिया जायेगा.
इसे भी पढ़ें – ओवरमैन की परीक्षा पास करने वाले छात्रों का हंगामा, कहा- चार माह बाद भी नहीं मिल रहा सर्टिफिकेट




