
- कहा- विधानसभा अध्यक्ष ने पूरे देश मे झारखंड को कलंकित किया
Ranchi : झाविमो के छह विधायकों के दल-बदल के मामले में विधानसभा अध्यक्ष के न्यायाधिकरण द्वारा दिये गये विलय को सही ठहरानेवाले फैसले को झाविमो रांची महानगर ने संविधानविरोधी बताया है. फैसले से नाराज झाविमो, रांची महानगर के तत्वावधान में गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष दिनेश उरांव, मुख्यमंत्री रघुवर दास और सभी छह विधायकों की शवयात्रा निकाली गयी. यह शवयात्रा जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाली गयी. शवयात्रा का नेतृत्व झाविमो, रांची महानगर के अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने किया.
जमकर हुई नारेबाजी, जलाया पुतला
इससे पूर्व झाविमो, रांची महानगर के सैकड़ों कार्यकर्ता जयपाल सिंह स्टेडियम से झंडा-बैनर, तख्तियां और विधानभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री और सभी छह विधायकों के पुतले लेकर इनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए शवयात्रा के रूप में अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचे और पुतला फूंका. प्रदर्शनकारी ‘लोकतंत्र के हत्यारे विधानसभा अध्यक्ष शर्म करो’, ‘लोकतंत्र की हत्यारी भाजपा सरकार हाय-हाय’, ‘बिकाऊ विधायकों की सदस्यता रद्द करो’… जैसे नारे लगा रहे थे.
चुनाव में जनता उनको सबक सिखा देगी : राजीव रंजन मिश्रा
शवयात्रा के बाद नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए पार्टी के केंद्रीय सचिव राजीव रंजन मिश्रा ने कहा कि 20 फरवरी 2019 का दिन भारतीय संविधान एवं लोकतंत्र के लिए कला दिन था. इस फैसले से पूरे देश में झारखंड का नाम कलंकित हुआ है. झाविमो फैसले के खिलाफ न्यालय एवं सड़क दोनों जगहों पर लड़ेगी. आनेवाले चुनाव में जनता उनको सबख सिखा देगी. उन्होंने कहा कि झाविमो गुरुवार से आंदोलन की शुरुआत कर रहा है. इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचायेंगे. महानगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता ने कहा कि इस फैसले से पूरा राजनीति जगत शर्मसार हुआ है. इस फैसले से राजनीति और प्रदूषित होगी. दल-बदल को और बढ़ावा मिलेगा. लोकतंत्र के लिए यह काला अध्याय है.
जनता का राजनीति से विश्वास उठेगा : जितेंद्र वर्मा
महानगर महासचिव जितेंद्र वर्मा ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने पॉलिटिकल इंफ्लूएंस में ऐसा घृणित फैसला किया है. विधायकों के ऐसे चरित्र से जनता का राजनीति से विश्वास उठेगा. ऐसे जनप्रतिनिधियों की कोई विचारधारा नहीं होती. वे किसी दल में रहें, अपने फायदे के लिए कभी भी देश एवं समाज का सौदा कर सकते हैं. झाविमो इस लड़ाई को उच्चतम न्यायालय के साथ-साथ जनता की अदालत में लड़ेगी. आनेवाले चुनाव में असली फैसला जनता करेगी.
इन्होंने किया विरोध
शवयात्रा में मुख्य रूप से युवा मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष उत्तम यादव, महानगर महासचिव जितेंद्र वर्मा, आदिवासी मोर्चा के केंद्रीय महासचिव बल्कू उरांव, केंद्रीय सदस्य शिव शर्मा, सुचिता सिंह, नजीबुल्लाह खान, शिवा कच्छप, दीपू गाड़ी, शिव शंकर साहू, नदीम इकबाल, अनिता गाड़ी, इंदू भूषण गुप्ता, महावीर नायक, मो रॉकी, भीम शर्मा, विजय प्रसाद, मंसूर अंसारी, तसलीम अंसारी, सुरेश शर्मा, अशोक श्रीवास्तव, उदय सिंह, प्रेम वर्मा, कृष्णा मुंडा, राकेश सिंह, भन्नू तिर्की, तैमूर अंसारी, नेहा सिंह, गुड्डू साहू, परवीन सिंह, मो मजहर, अमित लोहरा, जगदीप नाग, केदार साहू, मो सोनू, विजय साहू, पवन कोंगाड़ी, मो लडन, मो इम्तियाज, लल्लू माथुर, सत्यम दत्ता, मो तबारक, मो फारूक सहित बड़ी तादाद में कार्यकर्ता और नेता शामिल हुए और फैसले का विरोध किया.
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