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विधानसभा अध्यक्ष ने अपनी कुर्सी पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है : बंधु तिर्की

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  • छह विधायकों के दल-बदल मामले में विधानसभा अध्यक्ष के न्यायाधिकरण के फैसले को जेवीएम ने बताया असंवैधानिक

Ranchi : झारखंड विकास मोर्चा के छह विधायकों के दल-बदल के मामले पर विधानसभा अध्यक्ष न्यायाधिकरण के फैसले पर आक्रोश जाहिर करते हुए पार्टी महासचिव बंधु तिर्की ने कहा कि 20 फरवरी को विधानसभा अध्यक्ष द्वारा दल-बदल मामले में 10वीं अनुसूची के तहत जो झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के भाजपा में विलय का फैसला सुनाया है, वह पूरी तरह से असंवैधानिक है. अध्यक्ष न्यायाधिकरण को किसी भी राजनीतिक पार्टी के किसी भी पार्टी में विलय या विघटन पर फैसला देने का अधिकार नहीं है. बंधु तिर्की ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने जो फैसला दिया है, वह अध्यक्ष न्यायाधिकरण के कार्य क्षेत्र से बाहर है. न्यायाधिकरण का फैसला पूरी तरह से अलोकतांत्रिक है. उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने अब अपनी कुर्सी पर बने रहने का नैतिक अधिकार खो दिया है. इन्होंने बागी विधायकों की सदस्यता बचाने के लिए लोकतंत्र की हत्या कर दी है.

किसी मान्यताप्राप्त दल का विलय पार्टी के संविधान के आधार पर होता है

बंधु तिर्की ने कहा किसी भी मान्यताप्राप्त दल का किसी भी राजनीतिक दल में विलय या विघटन की भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित संविधान के आधार पर ही सूची दी जाती है एवं इसकी अधिसूचना जारी की जाती है. झारखंड विकास मोर्चा के संविधान की धारा 20 के पैरा 1 एवं 2 में स्पष्ट रूप से लिखा है कि पार्टी का विघटन केंद्रीय समिति के सदस्यों की सहमति से ही होगा. अध्यक्षीय न्यायाधिकरण के सामने प्रतिवाद के पक्ष में मात्रा 57 गावाहों में से दो ही केंद्रीय समिति सदस्य थे.

पार्टी के विलय का निर्णय अलोकतांत्रिक

बंधु तिर्की ने आगे कहा कि अध्यक्ष न्यायाधिकरण द्वारा प्रतिवादी के पक्ष में एकतरफा निर्णय लेकर पूरी पार्टी का विलय होने का फैसला सुनाया गया है, जो भारतीय संविधान की मूल अवधारणा के खिलाफ है. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत उपलब्ध करायी गयी जानकारी के अनुसार झारखंड विकास मोर्चा (प्र) द्वारा विलय से संबंधित कोई भी आवेदन नहीं किया गया है. इस सूचना की प्रति पार्टी के पास उपलब्ध है. झारखंड में हुए उपचुनाव में झारखंड विकास मोर्चा को चुनाव चिह्न कंघा उपलब्ध कराया गया है. बंधु तिर्की ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के अलोकतांत्रिक फैसले के बाद झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) उच्च न्यायालय एवं चुनाव आयोग भी जायेगा. संवाददाता में पार्टी के वरीय पदाधिकारी मौजूद थे.

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