
Lalu Yadav, Fodder Scam, Doranda Treasury Case
Ranchi: चारा घोटाले के सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव को आज निराशा हाथ लगी है. जज के नहीं बैठने की वजह से आज जमानत याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकी. लालू यादव की जमानत याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट के जस्टिस अपरेश सिंह की अदालत में होनी थी. जमानत याचिका पर पिछली सुनवाई 11 मार्च को हुई थी. तब अगली सुनवाई के लिए एक अप्रैल की तिथि तय करते हुए अदालत सीबीआई से मामले में रिपोर्ट देने कहा था. मालूम हो कि यह मामला चारा घोटाले के डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी से जुड़ा हुआ है. चारा घोटाले से जुड़े पांचों मामलों में डोरंडा कोषागार को सबसे महत्वपूर्ण बताया गया है. वजह यह है कि डोरंडा कोषागार से सबसे अधिक 135 करोड़ की निकासी हुई थी.
मालूम हो कि 21 फरवरी को लालू यादव को सीबीआइ की विशेष अदालत ने पांच साल की सजा सुनायी थी. वहीं 60 लाख रूपये जुर्माना भी लगाया था. जिसके खिलाफ लालू यादव ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की. लालू यादव पर डोरंडा कोषागार मामले में 135 करोड़ रूपये अवैध निकासी मामले में सजा दी गयी है. इसके पहले लालू को चारा घोटाले के अन्य मामलों में सजा मिल चुकी है.
मालूम हो कि 21 फरवरी को सजा सुनाए जाने के बाद से लालू प्रसाद यादव रिम्स रांची में उपचाराधीन थे. यहां सेहत और बिगड़ने के बाद मेडिकल बोर्ड ने दिल्ली एम्स रेफर किया गया था. तब लालू को एयर एंबुलेंस से दिल्ली ले जाया गया था. तब से वहीं उपचाराधीन हैं. एम्स के मेडिकल बुलेटिन के अनुसार उनकी सेहत में फिलहाल खास सुधार नहीं देखा जा रहा है. क्रिएटिन लेवल लगातार बढ़ रहा है. किडनी बुरी तरह से प्रभावित हो चुकी है.
दुमका, देवघर व चाईबासा कोषागार मामले में मिल चुकी है सजा
चारा घोटाला संयुक्त बिहार के वक्त चार जिलों में हुई थी. जिसमें चाईबासा जिला में चारा घोटाले के दो मामले हैं. सबसे अधिक अवैध निकासी रांची डोरंडा कोषागार से हुई. मामले में सबसे पहले प्राथमिकी चाईबासा में दर्ज की गयी. जहां चाईबासा कोषागार में 37.7 करोड़ की अवैध निकासी पर लालू को पांच साल की सजा और 25 लाख जुर्माना लगाया गया. देवघर कोषागार से 89.5 लाख की अवैध निकासी. इसमें साढ़े तीन साल की सजा सुनायी गयी. साथ ही पांच लाख जुर्माना लगाया गया. चाईबासा कोषागार से 30 करोड़ की अवैध निकासी हुई. इसमें पांच साल की सजा और 10 लाख जुर्माना लगाया गया. दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ की अवैध निकासी पर सात साल की सजा और 30 लाख रूपये जुर्माना लगाया गया. वहीं, डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रूपये की अवैध निकासी की गयी है.




