Crime NewsJharkhandRanchi

लातेहार में BJP नेता की हत्या से JJMP उग्रवादी संगठन का इनकार, कहा- संदेह है तो करा लें CBI जांच 

Ranchi: जेजेएमपी उग्रवादी संगठन ने लातेहार के भाजपा नेता जयवर्द्धन सिंह हत्याकांड में हाथ होने से इनकार किया है. जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के कर्मवीर ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि पुलिस के द्वारा इस हत्याकांड में मनोहर को आरोपी बनाया जा रहा है. यह सब झूठा है. हमारे संगठन का जयवर्धन सिंह से किसी भी तरह का कोई ठेकेदारी और लड़ाई का मामला नहीं था. अगर ऐसा संदेह है, तो सीबीआइ से जांच करवाई जाए. और जो दोषी पकड़ा जाता है उसे कड़ी से कड़ी सजा मिले.

जेजेएमपी उग्रवादी संगठन द्वारा जारी प्रेस रिलीज.

इसे भी पढ़ें- 14 घंटे तक चली भारत-चीन में सैन्य वार्ता, एलएसी पर तनाव कम करने पर हुई बात

खुद बचने के लिए लगा रही जेजेएमपी का नाम लगा रही पुलिस

जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के कर्मवीर ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि पुलिस ने खुद बचने के लिए जेजेएमपी संगठन का नाम लगा दिया है. इसकी सही जांच हो और सीबीआइ जांच हो. बीते 8 जुलाई को धरमपुर स्थित बस स्टैंड में पोस्टर चिपकाकर गुड्डू गिरोह ने इस हत्या की जिम्मेवारी ली थी. इस मामले में पुलिस जब सही से जांच नहीं कर सकी तो उसने जेजेएमपी संगठन का नाम लगा दिया. लेकिन हमारे संगठन का जयवर्धन सिंह की हत्या से कोई लेना देना नहीं है. और ना ही संगठन ने किसी को जयवर्धन सिंह की हत्या करने के लिए कोई बढ़ावा दिया है.

इसे भी पढ़ें- बिहार में 1432 नये Corona पॉजिटिव, 18 हजार के पार आंकड़ा

पुलिस ने चार अपराधियों को किया था गिरफ्तार

लातेहार के बरवाडीह थाना क्षेत्र में पांच जुलाई को भाजपा नेता जयवर्धन सिंह हत्याकांड का खुलासा कर दिया गया था. पुलिस ने मामले में चार अपराधियों को गिरफ्तार भी किया था. गिरफ्तार अपराधियों के पास से हत्या में प्रयुक्त बंदूक और मोबाइल बरामद किया गया था. बताया जा रहा है कि जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के मनोहर परहिया ने पार्टी लाइन से हटकर बरवाडीह में अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए जयवर्धन सिंह की हत्या की योजना बनायी थी. इस संबंध में एसपी प्रशांत आनंद ने प्रेस वार्ता कर दी जानकारी दी थी.

उन्होंने बताया कि हत्या के लिए मनोहर परहिया ने अपने पुराने साथी जो जेल से छुटकर आया था,अंशु प्रसाद से संपर्क किया और उसे दो हथियार, गोली उपलब्ध कराते हुए कहा कि जयवर्धन सिंह की हत्या करनी है, लेकिन उसके लिए पार्टी का सहयोग नहीं लेना है. अपने लोगों के सहयोग से यह काम करना है ताकि इलाके में मेरा वर्चस्व कायम हो जाए. इसके लिए उसने तीन लाख रुपए देने का वादा भी किया था. अंशु प्रदास इसके लिए अपने एक साथी राहुल कुमार और अपने ममेरे भाई सत्यम को तैयार किया. उसने दोनों को 50-50 हजार रुपए एवं बाइक देने का वादा किया था. जिसके बाद हत्या को अंजाम दिया गया.

इसे भी पढ़ें- 17 जुलाई तक झारखंड हाइकोर्ट में सिर्फ अति आवश्यक मामलों की सुनवाई

4 Comments

  1. I love looking through a post that can make people think. Also, many thanks for permitting me to comment!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button