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14 घंटे तक चली भारत-चीन में सैन्य वार्ता, एलएसी पर तनाव कम करने पर हुई बात

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New Delhi: भारत और चीन के बीच सीमा विवाद सुलझाने के लिए एकबार फिर सैन्य स्तर की बातचीत हुई. भारत और चीन के कोर कमांडर के बीच ये चौथे दौर की बातचीत थी जो करीब 14 घंटे चली. भारत और चीनी सेना के कमांडरों ने पेंगोंग सो और देपसांग जैसे गतिरोध वाले स्थानों से समयबद्ध तरीके से पीछे हटने के साथ ही पूर्वी लद्दाख में एलएसी के पास पीछे के सैन्यअड्डों से बड़ी संख्या में सैनिकों और हथियारों को हटाने की प्रक्रिया की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को अहम वार्ता शुरू हुई, जो रात दो बजे तक चली.

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14 घंटे तक चली बातचीत

सरकार के सूत्रों ने बताया कि लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की चौथे चरण की वार्ता एलएसी पर भारत की तरफ चुशुल में निर्धारित बैठक बिंदु पर सुबह करीब 11 बजकर 30 मिनट पर शुरू हुई.  जो रात 2 बजे तक चली. इसमें तनाव वाले इलाकों में चीनी सेना के पीछे हटने पर चर्चा हुई. फिलहाल चीनी सेना पैंगॉन्ग इलाके के फिंगर-5 पर डटी है. भारतीय सेना ने अप्रैल से पहले की स्थिति को बहाल करने की मांग की है.

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बातचीत में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व लेह स्थित 14वीं कोर के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने किया जबकि चीनी पक्ष का नेतृत्व दक्षिण शिनजियांग सैन्य क्षेत्र के प्रतिनिधि मेजर जनरल लियु लिन ने किया .

इस उच्च स्तरीय बैठक में ध्यान पेंगोंग सो और देपसांग में सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया के दूसरे चरण को शुरू करने के साथ ही समयबद्ध तरीके से पीछे के अड्डों से बलों एवं हथियारों को हटाने पर दिया गया.

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लद्दाख में पहले वाली स्थिति की मांग

भारतीय पक्ष ने पांच मई से पहले पूर्वी लद्दाख के सभी इलाकों में जो पूर्व की यथास्थिति थी उसे बनाए रखने पर जोर दिया. बैठक में तय हुआ कि दोनों सेनाएं अपनी पुरानी जगह पर लौटेंगे. साथ ही दोनों सेनाएं अपने बड़े हथियार पीछे हटाएं. कोर कमांडर की बैठक से पहले ही चीन की सेना पीएलए फिंगर फोर से फिंगर फाइव की ओर लौट गई है. संघर्ष के स्थानों से सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया के पहले चरण को लागू करने के बाद यह वार्ता हुई.

फिंगर-8 तक पीछे लौटे चीनी सेना

मिली जानकारी के मुताबिक फिलहाल चीनी सेना फिंगर-5 पर डटी है. लेकिन भारत ने उसे फिंगर-8 से पीछे जाने के लिए कहा है. दरअसल, फिंगर-8 तक भारतीय सेना भी पेट्रोलिंग करती रही है, लेकिन अप्रैल के बाद चीन की सेना ने अपनी सेना फिंगर-4 से लेकर फिंगर-8 तक बढ़ा दिया और भारतीय सेना को पेट्रोलिंग करने से रोक दिया था.

मिली जानकारी के अनुसार, भारतीय सेना ने चीनी सेना को साफ संदेश दे दिया है कि फिंगर-8 से पीछे लौटें और अप्रैल से पहले की स्थिति को बहाल किया जाए. सूत्रों के अनुसार, फिंगर-4 को नो पेट्रोलिंग जोन घोषित किया गया है यानी दोनों देश की सेनाएं फिंगर-4 में पेट्रोलिंग नहीं करेंगी.

चौथे दौर की बैठक

बता दें कि सैनिकों के पीछे हटने की औपचारिक प्रक्रिया छह जून को शुरू हुई थी जब इससे एक दिन पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने इलाके में तनाव कम करने के तरीकों पर करीब दो घंटे तक फोन पर बातचीत की थी.

दोनों देशों के बीच पहले ही लेफ्टिनेंट जनरल स्तर की तीन चरण की वार्ता हो चुकी है और अंतिम वार्ता 30 जून को हुई थी जब दोनों पक्ष गतिरोध को समाप्त करने के लिए शीघ्र, चरणबद्ध तरीके से तनाव कम करने को प्राथमिकता देने पर सहमत हुए थे.

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