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#JhrakhandCongress : #Loksabha की तरह #Vidhansabha में भी प्रभारी और सह-प्रभारी नहीं ले रहे रुचि!

Nitesh Ojha

Ranchi :  झाऱखंड विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करने के लिए बीजेपी ने अपनी सारी ताकत झोंक दी है. पार्टी के राष्ट्रीय स्तर के नेता लगातार झारखंड दौरा कर रघुवर सरकार की उपलब्धियां गिना रहे हैं.

वहीं ऐसा लगता है कि राज्य गठन के बाद से ही प्रदेश राजनीतिक से पीछे रही कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता, प्रभारी सह प्रभारी पूरी से झारखंड की राजनीतिक से कट गये हैं.

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बता दें कि अभी आरपीएन सिंह प्रदेश प्रभारी और उमंग सिंघार व मैनुल हक सह-प्रभारी हैं. हालांकि यूथ और महिला कांग्रेस से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के नेता लगातार झाऱखंड आकर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का काम करते रहे है.

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इन सब से अलग कार्यकारी अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बीजेपी नेताओं के लगातार राज्य दौरे को कांग्रेस से डर का परिणाम बताया है.

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तीन राज्यों में जीत दिला चुके हैं बीजेपी प्रभारी

कांग्रेस के तीन प्रभारियों से उलट बीजेपी के प्रदेश चुनाव प्रभारी ओम प्रकाश माथुर और सह-प्रभारी नंद किशोर यादव लगातार राज्य दौरे पर हैं. 9 अगस्त को चुनावी प्रभार मिलने के बाद से ही ऐसा लगता है कि उन्होंने झारखंड को अपना चुनावी घर बना लिया है.

राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह पहले ही बात चुके हैं कि झारखंड विधानसभा को देखते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इन कद्दावार नेताओं की नियुक्ति की है. गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के प्रभारी रह चुके माथुर विस चुनाव में जीत में अहम भूमिका निभा चुके हैं. बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा लोकसभा चुनाव के बाद से तीन बार प्रदेश आ चुके हैं.

नड्डा गत 13 जुलाई को पार्टी की सदस्यता बढ़ाने, गत 30 अगस्त को लोहरदगा में बूथ सह शक्ति केन्द्र कार्यकर्ता सम्मेलन सहित 19 सितम्बर को कोल्हान में पार्टी के चुनावी अभियान की शुरुआत करने आ चुके हैं.

उपरोक्त तीनों के अलावा बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे पीएम नरेद्र मोदी दो बार (योग दिवस और विधानसभा उद्घाटन कार्यक्रम) और राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह एक बार चुनाव दौरा कर चुके हैं.

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कांग्रेस : राहुल को छोड़ अऩ्य नेताओं ने बनायी दूरी

बात अगर आरपीएन सिंह सहित दोनों सह-प्रभारियों की करें, तो राष्ट्रीय नेतृत्व ने जिस भरोसे के साथ इन्हें पार्टी की कमान सौंपी थी, वे पूरी तरह से असफल साबित हुआ है. लोकसभा चुनाव के दौरान तीनों राष्ट्रीय नेता कांग्रेस या महागठबंधऩ के किसी प्रत्याशी के चुनावी दौरे में नजर नहीं आये और न ही किसी सभा-रैली में. हालांकि आरपीएन सिंह उत्तरप्रदेश के कुशीनगर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे थे जिसके कारण वे अपने चुनाव में व्यस्त रहे. लेकिन मैनुल हक और उमंग सिंघार तो लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने के बाद भी झारखंड चुनाव से दूरी बनाए हुए थे.

आरपीएन खुद कुशीनगर सीट से चुनाव हार गये. चुनाव के बाद पार्टी के कई नेताओं ने कहा था कि कुशीनगर में अंतिम चरण (19 मई) में चुनाव था, इसके बाद भी पार्टी प्रभारी झारखंड में नहीं आये.

इससे पहले तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने 2 मार्च को राजधानी में रैली कर कार्यकर्ताओं को एकजुट करने का प्रयास किया था.

पुलिस को करना पड़ा था लाठीचार्ज

लोकसभा चुनाव 2019 के रिजल्ट से साफ था कि महागठबंधऩ में रहते हुए भी कांग्रेस को काफी नुकसान पहुंचा था. अब विधानसभा चुनाव नजदीक है, लेकिन अभी प्रदेश कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की जगह प्रभारी और सह-प्रभारी दूरी बनाए हुए हैं.

यहां तक की चुनाव के बाद पार्टी की अंदरूनी कलह से भी सह-प्रभारियों ने दूरी बनाये रखी. प्रभारी आरपीएन सिंह एक बार 8 जून को रांची पहुंच कर कह गये कि यह एक परिवार का मामला है और आपस में इसे सुलझा लिया जायेगा.

लेकिन इसी परिवार के बीच स्थिति ऐसी बनी कि पुलिस प्रशासन को लाठीचार्ज तक करना पड़ा. अब नये प्रदेश अध्य़क्ष डॉ रामेश्वर उरांव और 5 कार्यकारियों अध्य़क्षों ने पांच प्रमंडलों में हतोत्साहित हो चुके कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में लगे हुए हैं.

यूथ और महिला के राष्ट्रीय नेता दिखा रहे रुचि

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारियों से अलग यूथ कांग्रेस के प्रभारी, अध्यक्षों और नेताओं की लंबी फेहरिस्त है जिन्होंने युवा कार्यकर्ताओं को मजबूत करने में लगे हैं. यूं कहें, तो ऐसे नेता राज्य की राजनीति में लगातार रुचि ले रहे है.

लोकसभा चुनाव के बाद प्रदेश यूथ कांग्रेस के विधानसभा घेराव में राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के अंतरिम अध्यक्ष श्रीनिवास बी. वी. ने जैसी भागीदारी की थी, उससे युवा कार्यकर्ताओं में जोश भरा था. राष्ट्रीय प्रभारी सह एआईसीसी सेक्रेट्री कृष्णा अल्लावरु भी यूथ कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाते रहे हैं.

प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष कुमार गौरव, प्रदेश प्रभारी दीपक मिश्रा, इमरान अली, महासचिव उज्जवल तिवारी सरीके नेता भी लगातार युवा विंग की मजबूती में लगे हैं. इसी तरह महिला विंग की प्रभारी नेटा डिसूजा और राष्ट्रीय सचिव सह प्रदेश प्रदेश प्रभारी इंद्राणी मिश्रा भी महिला कार्यकर्ताओं को एकजुट करने में लगी है.

कांग्रेस के डर से बीजेपी नेताओं का राज्य दौरा : राजेश ठाकुर

राजेश ठाकुर का कहना है कि पांच सालों तक जनता की गाढ़ी कमाई को लुटाने वाली डबल इंजन की रघुवर सरकार कांग्रेस से पूरी तरह से डर गयी है. प्रभारियों का मतलब होता है मॉनिटरिंग करना न कि जनता को भ्रम में ऱखना, जैसा बीजेपी नेता कर रहे हैं.

वहीं कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता बूथ स्तर पर काम कर रहे हैं. बीजेपी के राष्ट्रीय नेताओं का लगातार राज्य दौरा बता रहा है कि वे विधानसभा चुनाव से पूरी तरह डर गये हैं.

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