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#JharkhandElection: शांतिपूर्ण मतदान कराना पुलिस के लिए चुनौती, 5 दिनों में नक्सलियों ने दिया 7 घटनाओं को अंजाम

Ranchi: झारखंड में पांच चरणों में चुनाव होना है. अभी पहले चरण के चुनाव से पहले ही नक्सलियों की धमक ने झारखंड पुलिस प्रशासन की नींद उड़ा दी है.

गढ़वा, पलामू, लातेहार से सटा बूढ़ा पहाड़, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, खूंटी का इलाका, सारंडा वन क्षेत्र, रांची-सरायकेला खरसांवा व पूर्वी सिंहभूम के घाटशिला का इलाका हमेशा से ही नक्सलियों का सुरक्षित जोन रहा है.

झारखंड में विधानसभा चुनाव पर नक्सली हिंसा का डर मंडरा रहा है. नक्सल प्रभावित 19 जिलों में शांतिपूर्ण मतदान पुलिस के लिए चुनौती है. प्रथम चरण के चुनाव से पहले ही लातेहार में नक्सलियों की धमक ने खुफिया सक्रियता की पोल खोलकर रख दी है.

पिछले 5 दिनों की बात करें तो नक्सलियों ने पोस्टरबाजी सहित सात छोटी-बड़ी घटनाओं का अंजाम देकर पुलिस को चुनौती देने का काम किया है.

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शांतिपूर्ण चुनाव की तैयारी में पुलिस व चुनाव आयोग 

झारखंड में शांतिपूर्ण चुनाव कराना शुरू से ही चुनाव आयोग और प्रशासन के लिए चुनौती माना जाता रहा है. चुनाव के पहले 22 नवंबर की रात लातेहार के चंदवा में नक्सलियों के हमले में चार पुलिसकर्मियों के शहीद होने की घटना से पुलिस की तैयारी पर भी सवाल उठने लगे हैं.

हालांकि पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पूरी तैयारी है. माना जाता है कि शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने की रणनीति के तहत ही झारखंड की 81 विधानसभा सीटों के लिए पांच चरणों में मतदान का कार्यक्रम रखा गया है.

विधानसभा चुनाव में इस चुनौती से निपटने के लिए पुलिस और चुनाव आयोग पूरी तरह जुटे नजर आ रहे हैं. नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चुनाव कराने के लिए प्रशासनिक स्तर पर सारी तैयारियां पूरी कर ली गयी है. माहौल बिगड़ने की आंशका वाले क्षेत्रों में अभी से ही कार्रवाई शुरू कर दी गयी है.

13 अति नक्सल प्रभावित जिले

झारखंड के अति नक्सल प्रभावित जिलों में गिरिडीह, गुमला, खूंटी, लातेहार, पलामू, पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो, हजारीबाग, चतरा, रांची, गढ़वा, लोहरदगा व सिमडेगा.अन्य नक्सल प्रभावित जिले में दुमका, पूर्वी सिंहभूम, रामगढ़, गोड्डा, पाकुड़ व धनबाद शामिल है.

लोकसभा चुनाव-2019 की तरह विधानसभा चुनाव-2019 में भी नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में मतदानकर्मियों के लिए हेली ड्रॉपिंग की सुविधा होगी. इसके लिए झारखंड पुलिस ने भारत निर्वाचन आयोग से आठ हेलीकॉप्टर की मांग की है, ताकि मतदानकर्मियों को मतदान के लिए सुरक्षित ले जाया जा सके.

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चुनाव के दौरान दे चुके हैं घटनाओं को अंजाम

लोकसभा चुनाव-2019 में नक्सलियों ने सरायकेला खरसांवा में भाजपा के चुनावी कार्यालय को उड़ा दिया था. वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में दुमका के शिकारीपाड़ा में नक्सलियों ने चुनाव संपन्न कराकर लौट रही पोलिंग पार्टी की गाड़ी को उड़ा दिया था. इसमें पांच पुलिसकर्मी व तीन अन्य मारे गये थे.

लोकसभा चुनाव-2019 में पलामू के हरिहरगंज में माओवादियों ने भाजपा के चुनावी कार्यालय को उड़ा दिया था. वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में दुमका के शिकारीपाड़ा में नक्सलियों ने बीएसएफ के दो जवानों की हत्या कर उनके हथियार लूट लिये थे.

5 दिनों में सात घटनाओं के दिया अंजाम

  • 21 नवंबर 2019: नक्सली संगठन की ओर से चांडिल अनुमंडल के बिरीडीह में पोस्टरबाजी की गयी थी.
  • 21 नवंबर 2019: गुमला में चुनाव का बहिष्कार करने के लिए पोस्टरबाजी की गयी.
  • 22 नवंबर 2019: लातेहार में नक्सलियों के हमले में एक एएसआइ व होमगार्ड के तीन जवान शहीद हो गये.
  • 23 नवंबर 2019: लातेहार के किस्को में सड़क निर्माण में लगी दो जेसीबी को जलाया.
  • 23 नवंबर 2019: पलामू में नक्सलियों ने दो लोगों की हत्या कर सनसनी फैला दी.
  • 23 नवंबर 2019: पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर के सोनुआ स्थित तैरा नदी पुलिया, कोचापुर ग्राम और देवाबीर चारमोड़ चौक पर जगह-जगह नक्सलियों ने पोस्टरबाजी की.
  • 24 नवंबर 2019: हजारीबाग के बड़कागांव थाना क्षेत्र के कई गांव में नक्सलियों ने पोस्टरबाजी की.
  • 25 नवंबर 2019: पश्चिमी सिंहभूम जिला के घोर नक्सल प्रभावित टोंटो थाना अंतर्गत रेंगड़ाहातु गांव के पहाड़ पर नक्सलियों ने पुलिस मुखबिरी बताकर एक ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी.

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