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#JharkhandCongress : वैसे नेताओं की लंबी लिस्ट, जो पद पर तो हैं, लेकिन नहीं लड़ेंगे चुनाव

Ranchi :  आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी किस तरह अधिक से अधिक सीट जीत सकती है, इसके लिए प्रदेश कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी एक्टिव हो गयी है. रविवार को हुई बैठक में पार्टी प्रत्याशियों के चुनाव को लेकर प्राथमिकता जो तय की गयी है, उससे पार्टी के कई बड़े नेताओं के चुनाव लड़ने पर अकुंश लग गया है.

पार्टी के अंदर ऐसे लोगों की लंबी फेहरिस्त है, जो महत्वपूर्ण पद पर बैठे हैं, लेकिन निर्णय के बाद वे चुनाव नहीं लड़ पायेंगे. मतलब यह कि अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष वगैरह चुनाव लड़ने से वंचित रहेंगे. हालांकि, कुछ लोग पद त्यागकर चुनाव लड़ सकते हैं.

बैठक में यह निर्णय भी हुआ है कि एक परिवार से एक ही व्यक्ति को टिकट मिलेगा. कमेटी के इस निर्णय से वैसे नेताओं के चुनाव लड़ने की संभावना धुमिल पड़ गयी है, जिनकी ओर पूर्व प्रदेश अध्य़क्ष डॉ अजय कुमार (अब आम आदमी पार्टी में शामिल) ने विशेष तौर पर इंगित किया था.

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परिवार के कई व्यक्तियों के चुनाव लड़ने पर रखी थी बात

बता दें कि डॉ अजय कुमार ने तत्कालीन राष्ट्रीय अध्य़क्ष राहुल गांधी को जो अपना इस्तीफा सौंपा था, उसमें उन्होंने कई नेताओं पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का ठीकरा फोड़ा था. उऩ्होंने कहा था कि पार्टी के एक नेता अपने लिए बोकारो से तो पलामू से अपने बेटे के लिए (ददई दुबे), एक नेता हटिया से अपने भाई के लिए (सुबोधकांत), एक नेता खूंटी से अपने और घाटशिला से बेटी के लिए (प्रदीप बलमुचू) और एक नेता जामताड़ा से अपने बेटे व  मधुपुर से अपनी बेटी एवं महगामा से अपने लिए सीट चाहते हैं (फुरकान अंसारी).

वैसे नेता जो पद पर रहते नहीं लड़ पायेंगे चुनाव

स्क्रीनिंग कमेटी में लिये निर्णय के बाद कांग्रेस में कई दावेदारों के टिकट पर खतरा मंडरा रहा है. पार्टी के अंदर वैसे नेताओं की एक लंबी लिस्ट है. इसमें सबसे प्रमुख हाल ही में नियुक्त हुए प्रदेश अध्य़क्ष रामेश्वर उरांव सहित 4 कार्यकारी अध्यक्षों (राजेश ठाकुर, केशव महतो कमलेश, मानस सिन्हा, संजय पासवान) का चुनाव नहीं लड़ना तय हो गया है.

इनमें राजेश ठाकुर को बोकारो, केशव महतो को सिल्ली से प्रमुख प्रत्याशी बताया जा रहा है. कार्यकारी अध्य़क्षों में इरफान अंसारी भी है. लेकिन चूंकि वे जामताड़ा से सीटिंग विधायक है तो वैसे में उनका टिकट नहीं काटे जाने की बात सामने आ रही है.

इसके अलावा रांची जिला महानगर कांग्रेस अध्य़क्ष संजय पांडेय, जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश बैठा, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष कुमार गौरव, प्रदेश महिला कांग्रेस अध्य़क्ष गुंजन सिंह, दीपिका सिंह पांडेय (महागामा से संभावित प्रत्याशी) के चुनाव लड़ने पर लगाम लगती दिख रही है.

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परिवारवाद पर भी लगेगा लगाम

स्क्रीनिंग कमेटी के उस फैसले से कई कांग्रेसियों ने खुशी जतायी है, जिसमें एक परिवार से एक ही व्यक्ति, जो मजबूत हो, को टिकट देने का फैसला हुआ है. इसमें प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक में परिवारवाद पर लगाम लगाने की कोशिश की गयी है.

पार्टी के कई वरिष्ठ नेता या अब खुद चुनाव लड़ेंगे या उन्हें अपने बेटे-बेटी के लिए सीट की कुर्बानी देनी होगी. इसमें ददई दूबे, फुरकान अंसारी, प्रदीप बलमुचू, राजेंद्र सिंह जैसे नेता शामिल हैं.

इन सभी नेताओं में पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह के बारे में सूत्रों का दावा है कि उन्होंने पहले से ही अपने बड़े बेटे जयमंगल सिंह (अनूप सिंह) के लिए बेरमो सीट छोड़ दी है.

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