
Ranchi : राज्य के आदिवासियों के लिए एक अच्छी खबर है. अब उन्हें बार-बार जाति प्रमाण पत्र बनवाना नहीं पड़ेगा. एक ही बार बना प्रमाण पत्र आजीवन मान्य रहेगा.
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में राज्य भर के अंचल अधिकारियों व बीडीओ को उक्त संबंध में आवश्यक निर्देश दिये.
उन्होंने कहा, “आदिवासी समाज के लोगों का जाति प्रमाणपत्र एक बार निर्गत करें. उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए. यह समस्या अब मेरे संज्ञान में नहीं आनी चाहिए.”
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खतियान में नाम होना जरूरी नहीं
सीएम अंचल अधिकारियों से कहा, “राज्य के लोग जाति प्रमाण पत्र के लिए परेशान हैं. आप उनका जाति प्रमाण पत्र निर्गत करें. खतियान में नाम ना हो, तो ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम सभा और शहरी क्षेत्र में वार्ड समिति द्वारा जाति से संबंधित स्वीकृति के बाद जाति प्रमाणपत्र से संबंधित आवेदन के आधार पर जाति प्रमाणपत्र निर्गत करें.”
मानकी मुंडा को प्रोत्साहन राशि जल्द को कहा
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि मानकी मुंडा, ग्राम प्रधान, डाकुआ, जोगमांझी समेत अन्य को सरकार द्वारा निर्धारित सम्मान राशि का भुगतान एक सप्ताह के अंदर करें.
उन्होंने मानकी मुंडा एवं ग्राम प्रधान को प्रोत्साहन राशि समय पर प्राप्त होना सुनिश्चित करने को कहा.
सीएम ने कहा, “उनकी पहचान के लिए संबंधित मुखिया या मानकी मुंडा, ग्राम प्रधान एवं अपने स्तर से जांच कर लाभान्वित करें. ऐसे छूटे हुए लोगों की सूची तैयार करें तथा प्रस्ताव दें.”
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30 सितंबर तक अभियान चलाने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि 30 सितंबर तक ग्राम सभा से अनुमोदित योजना को प्रखंड विकास पदाधिकारी धरातल पर उतारें.
मुख्यमंत्री ने कहा, “हर हाल में योजना लागू होनी चाहिए. लोग असंतुष्ट होते हैं तो सरकार बदनाम होती है. आजाद भारत में शासन नहीं सेवा करना है. लालफीताशाही नहीं चलेगी. लोकतंत्र में शासन, प्रशासन और जनता जनार्दन के बीच रिलेशन होना चाहिए. ”
दाखिल खारिज में तेजी पर जोर
मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन लगान भुगतान, संदिग्ध जमाबंदी सहित अन्य कार्यों को सुचारू रूप से करने, भू मापी, पैतृक संपत्ति के बंटवारे के आधार पर दाखिल खारिज सुनिश्चित करने के कार्यों में तेजी लाने को कहा.
उन्होंने कहा कि जिन मामलों में खतियान उपलब्ध नहीं, उन मामलों में भौतिक सत्यापन एवं अन्य कागजातों से मिलान कराकर लगान लें और रसीद दें.
उन्होंने टाना भगत की भूमि का दाखिल खारिज तथा उनके बच्चों को कौशल प्रशिक्षण दिलाने पर विशेष जोर दिया.
सीएम ने अंचल कार्यालयों को स्वच्छ बनाने की दिशा में भी कार्य करने को कहा.
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