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पलामू: चार जुलाई तक मांगें पूरी नहीं हुईं, तो पांच को पंचायत प्रतिनिधि देंगे सामूहिक इस्तीफा

Palamu :  सरकार की कथित भेद-भाव पूर्ण नीतियों से आहत पंचायत प्रतिनिधियों ने इस्तीफे की धमकी दी है. सरकार से लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीतने वाले अन्य जनप्रतिनिधियों की तरह विकास कार्यों के लिए आवंटन उपलब्ध कराने एवं मान-सम्मान देने की मांग की है. इस बाबत पंचायत समिति महासंघ के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा आज राज्य के मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन पलामू के प्रभारी उपायुक्त को सौंपा गया. चेतावनी दी गयी है कि अगर 4 जुलाई तक पंचायत समिति महासंघ की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो 5 जुलाई को जिले के 21 प्रखंडों के प्रमुख, उपप्रमुख एवं पंचायत समिति सदस्य अपने पद से सामूहिक इस्तीफा दे देंगे.

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पंचायत प्रतिनिधियों  की मांग

पंचायत समिति की मासिक बैठकों में लिये गये प्रस्तावों का पूर्ण अनुपालन कराने तथा मध्यवर्ती पंचायत को विकास निधि उपलब्ध कराने के साथ पिछले तीन वर्षों से रोके गये आवंटन को एकमुश्त उपलब्ध कराने की मांग की गयी है. इसके अलावा मनरेगा के तहत चयनित योजनाओं का 60 प्रतिशत क्रियान्वयन पंचायत समिति के माध्यम से कराने, पंसस, प्रमुख एवं उपप्रमुख को भ्रमण के लिए वाहन उपलब्ध कराने तथा सम्मान जनक मानदेय एवं यात्रा भत्ता दिये जाने की मांग की गयी है.

कहा गया है कि पंचायती राज अंतर्गत आने वाले 14 विभाग एवं 29 विषयों पर लिये गये संकल्पों के अनुरूप सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन एवं अनुशंसा में पंचायत समिति की भागीदारी सुनिश्चित करानी चाहिए. ज्ञापन में बताया गया है कि झारखंड में त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के दूसरे चरण का कार्यकाल चल रहा है. इसमें लगभग 3.5 वर्ष पूरे हो चूके हैं, लेकिन अब तक पंचायत समिति सदस्यों को विकास में सहभागी नहीं बनाया गया है.

पंचायत समिति को किसी प्रकार का आवंटन नहीं

पंचायत समिति को किसी प्रकार का आवंटन नहीं प्राप्त हुआ है. नतीजा चुनाव के दौरान जनता से किये गये वादों को पंसस पूरा नहीं कर पा रहे हैं. कहा गया है कि जनता के वोट से ही विधायक व सांसद की तरह मुखिया व प्रचायत समिति सदस्य निर्वाचित होते है, लेकिन एक तरफ मुखिया व विधायक तथा सांसद के पद पर आसीन जनप्रतिनिधियों को विकास के लिए लाखों-करोड़ों  रुपये उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें वेतन और भत्ता दिया जाता है, जबकि मध्यवर्ती पंचायत प्रतिनिधियों को किसी प्रकार के आवंटन से वंचित  किया जा रहा है.

कहा गया है कि चुनाव के दौरान पंचायत समिति सदस्यों ने भी जनता से कुछ वादे किये थे. विकास का एजेंडा था लेकिन आवंटन के आभाव में पूरा नहीं कर पा रहे है. बताया गया है कि चालू वर्ष के फरवरी माह में भी बीडीओ एवं प्रमुखों की बैठक हुई थी, जिसमें निर्णय लिया गया था कि पंचायती राज के अंतर्गत आने वाले सभी विभाग एवं विषयों पर लिये गये संकल्पों के अनुरूप काम किये जायेंगे, लेकिन इसका अनुपालन नहीं किया जाना दुखद व दुर्भाग्यपूर्ण है.

महासंघ के प्रतिनिधियों का नेतृत्व तरहसी प्रमुख सह प्रमुख संघ के प्रमंडलीय अध्यक्ष अमुक प्रियदर्शी कर रहे थे.  मौके पर बड़ी संख्या में प्रमुख, उपप्रमुख एवं पंसस उपस्थित थे.

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