
Ranchi: रिम्स ट्रामा सेंटर में बनकर तैयार 13 हजार लीटर क्षमता वाले लिक्विड ऑक्सीन टैंक का शुक्रवार को उद्घाटन हुआ. रिम्स डायरेक्टर ने उद्घाटन किया.
उन्होंने बताया कि पहले रिम्स में ऑक्सीजन की काफी समस्या होती थी. सिलेंडर से वार्डो से लेकर आइसीयू तक ऑक्सीजन की सप्लाई की जा रही थी. रिम्स में पाइपलाइन तो जरूर लगे थे, लेकिन मेनीफोल्ड रूम से सिलेडंर लाकर सप्लाई की प्रक्रिया थी. इससे मरीजों को परेशानी होती थी.
डॉ कामेश्वर प्रसाद ने कहा कि जब ट्रॉमा सेंटर को कोविड वार्ड बनाया गया, वहां मरीजों को सबसे अधिक ऑक्सीजन की ही जरूरत होती थी. ऑक्सीजन लाइफ सेविंग का काम करती है. अगर यह उपलब्ध न हो तो मरीजों को तो दिक्कत होती है ही, साथ ही साथ डॉक्टर को भी काफी परेशानी होती है. इन्हीं परेशानियों को देखते हुए ऑक्सीजन प्लांट शुरू किया गया है.
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रिम्स में एक दिन में 200 से 250 सिलेंडर की खपत होती थी. इससे पूरी तरह निजात मिलेगी. पूर्व में जहां 25 मरीजों का ही इलाज हाइफ्लो ऑक्सीजन थेरेपी वेंटिलिटर सपोर्ट में रखने की सुविधा थी. लेकिन अब एक साथ सैकड़ों मरीजों को इसका लाभ मिल सकेगा. निदेशक के अनुसार लिक्विड ऑक्सीजन टैंक को एक बार रिफिल करने से 15 दिनों तक ऑक्सीजन की परेशानी नहीं होगी.
लिक्विड ऑक्सीजन टैंक से कुल 225 बेड तक ऑक्सीजन की सप्लाई पहुंचेगी. इसमें ट्रॉमा सेंटर के सामान्य वार्ड से लेकर आइसीयू को मिलाकर 125 बेड में ऑक्सीजन पाइपलाइन के कनेक्शन दिए जा चुके हैं.
इसके अलावा 100 बेडेड पेइंग वार्ड को भी पूरी तरह ऑक्सीजन सपोर्टेड बनाया गया है. यहां भी 100 बेड में लिक्विड टैंक के जरिए ही ऑक्सीजन की सप्लाई होगी.
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