
Ranchi: झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ काम करने वाले एसपीओ की सुरक्षा को लेकर जांच एजेंसी ने अलर्ट जारी किया है. एक के बाद एक नक्सलियों के मारे व पकड़े जाने से बिलबिलाये नक्सली संगठन एसपीओ को निशाने पर लेकर पुलिस पर बड़ा आघात करने के फिराक में है. सूत्र के हवाले से खबर है कि भाकपा माओवादी संगठन ने पुलिस के सूचना तंत्र पर हमला करने की योजना बनाई है.
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झारखंड में पुलिस को नक्सलियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में लगातार सफलताएं मिली हैं. यह सफलता भाकपा माओवादी, टीपीसी और पीएलएफआई के खिलाफ मिली है. झारखंड सफलता से उत्साहित है और जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ अभियान जोर-शोर से चलाया जा रहा है. पुलिस की इन सफलता के पीछे एसपीओ का बड़ा योगदान है. एसपीओ के माध्यम से ही पुलिस को नक्सलियों की हर गतिविधियों की जानकारी मिलती है. इसे ध्यान में रखते हुए नक्सलियों ने अब एसपीओ को निशाने पर लिया है.
जांच एजेंसी ने एसपीओ की सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया है. एजेंसी ने बिहार और झारखंड में अलर्ट जारी किया है. अलर्ट के बाद दोनों राज्यों की पुलिस एसपीओ की सुरक्षा के प्रति अलर्ट हो गई है. हाला में बिहार के मुंगेर में धरधरा के जंगल में भाकपा माओवादी संगठन की एक बैठक हुई थी .बैठक में भाकपा माओवादी के कई शीर्ष नक्सली भी मौजूद थे इस बैठक में अनल दा की बहन करुणा भी मौजूद थी. करुणा के अलावा पिंटू राणा,सहदेव सहित कई नक्सली मौजूद थे. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बैठक में इस बात पर मंथन हुआ कि पुलिस के मुखबिर संगठन को काफी नुकसान पहुंचा है अगर समय रहते पुलिस के मुखबिर को सबक नहीं सिखाया गया तो आने वाले दिनों में हमारा नामो निशान मिट जाएगा. बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि ज्यादा से ज्यादा एसपीओ को निशाना बनाया जाए. एसपीओ को निशाना बनाने के बाद कई फायदे होंगे. एसपीओ में डर होगा और साथ ही साथ ग्रामीणों में भी भय का माहौल होगा. इसके साथ पुलिस का सूचना तंत्र कमजोर पड़ जायेगा.
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झारखंड-बिहार की सीमा पर दो एसपीओ की हुई थी हत्या
गिरिडीह और जमुई जिला के चकाई थाना क्षेत्र में पिछले दिनों दो एसपीओ की गोली मारकर नक्सलियों ने हत्या कर दी थी. हालांकि, बताया जाता है कि भाकपा माओवादी संगठन ने एसपीओ को चेतावनी दी थी कि वह यह काम छोड़ दें, नहीं मारे जायेंगे.
भाकपा माओवादियों ने सूचना तंत्र पर दिया जोर
सूत्रों के हवाले भाकपा माओवादी संगठन ने अपने सूचना तंत्र पर जोर दिया है. संगठन ने अपने काडर को मोबाइल फोन यूज करने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. संगठन का कहना है कि मोबाइल फोन से पुलिस को लोकेशन मिलता है इसे संगठन को भारी नुकसान पहुंचा है. माओवादी संगठन अब अपनी सूचना तंत्र को मजबूत करने पर ध्यान दे रहा है .




