
Nikhil Kumar
Ranchi: झारखंड में शराब की थोक बिक्री का जिम्मा बड़ी कंपनियों को देने की तैयारी की जा रही है. कम से कम 100 करोड़ की वार्षिक टर्नओवर वाली कंपनियों को शराब के थोक कारोबार का कार्य दिया जायेगा. उत्पाद विभाग ने थोक, विक्रेता भंडारण संशोधित नियमावली 2022 में यह प्रावधान किया है. जुलाई 2021 से राज्य में निजी कम्पनी के जरिए शराब का थोक कारोबार हो रहा है, लेकिन राजस्व अधिक नही होने की कारण यह बदलाव किया जा रहा है. नयी नियमावली के तहत थोक विक्रेता के आवेदन के लिए कंपनी को विगत दो वित्तीय वर्ष में न्यूनतम 100 करोड़ का वार्षिक टर्नओवर होना जरूरी रखा गया है. ऐसे में शराब के कारोबार में अब सिर्फ बड़ी कंपनियां ही शामिल हो सकेगी.
मुख्य रूप से ये आपूर्तिकर्ता और विनिर्माणकर्ता से व्यवसायिक समन्वय बनाने का भी काम करेगी. थोक लाइसेंसियों के द्वारा जेएसबीसीएल के वेयरहाउस में शराब स्टॉक करने के पूर्व स्टॉकिंग बार्डर पर अनुमोदन प्राप्त करना होगा तथा स्टॉक किए गये शराब पर थोक लाइसेसिंयों का मासिक किराया प्रदान करना होगा. तीन माह से अधिकतम समय तक शराब के उठाव न होने पर दंड का प्रावधान किया जायेगा. इस व्यवस्था से जेएसबीसीएल के वेयरहाउस में डेड-स्टॉक संधारित नहीं हो सकेगी. शराब का भंडारण थोक विक्रेता ही करेगा क्षति होने पर भरपाई भी करेगा.
सरकार को यह उम्मीद है कि इस नियमावली को अगर लागू कर दिया जाये तो सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी होगी. नई नियमावली को एक अप्रैल की तिथि से लागू कराने की तैयारी चल रही है. इससे पूर्व कैबिनेट की मंजूरी ली जाएगी. नए नियम के अनुसार जेएसबीसीएल नियंत्रक की भूमिका में रहेगा.
5 गोदाम ही होंगे
शराब के थोक गोदाम प्रमंडलवार करते हुए मात्र पांच होंगे जहां शराब का भंडारण किया जा सकेगा. मैनपावर की कमी बता कर ऐसा किया जा रहा है. अभी राज्य में जेएसबीसीएल के जरिए 75 गोदाम चल रहे है. हालांकि सरकार के इस प्रस्ताव पर राजस्व पर्षद ने आपत्ति जताई है. उत्पाद विभाग इस पर विचार कर रहा है.
लाभांश घटाकर 1 प्रतिशत तक होगा
नई नियमावली अगर लागू हुई तो शराब सस्ती होगी. थोक विक्रेता का लाभांश 2.5 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत तक किया जायेगा. विभाग को उम्मीद है इससे शराब के थोक बिक्री मूल्य में कमी आयेगी. जिससे शराब की बिक्री में खपत बढ़ने की संभावना है. उत्पाद विभाग ने थोक, विक्रेता भांडारण संशोधित नियमावली 2022 में यह प्रावधान किया है. 1 प्रतिशत प्रबंधन शुल्क लिया जायेगा. जल्द ही कैबिनेट से इसकी स्वीकृति लेने की तैयार है. उक्त प्रावधानों के अलावा जेएसबीसीएल के अंतर्गत शराब गोदामों से खुदरा दुकानदारों को भी शराब मुहैया करायी जायेगी.




