
Ranchi: झारखंड पुलिस केंद्रीय बल के साथ मिलकर लंबे समय से झारखंड में उग्रवादियों और नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रही है. इस अभियान का असर है कि प्रभावित इलाकों की तस्वीर बदली है. उग्रवादियों की संख्या में कमी आई है. इस बीच हाल के दिनों में उग्रवादी संगठन पीएलएफआई की सक्रियता बढ़ी है. रांची, खूंटी, सिमडेगा सहित अन्य इलाके में पीएलएफआई की सक्रियता बढ़ी है. दूसरी तरफ ऐसी जानकारी है कि कम होते सदस्यों की संख्या से परेशान पीएलएफआई उग्रवादी संगठन अब संगठन में लोगों को शामिल करा रहा है. भोले-भाले युवको का ब्रेनवाश करता है. जिसके बाद कई युवा संगठन से जुड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं.
काफी समय से सुप्त उग्रवादी संगठन पीएलएफआई का सोमवार की देर रात रांची के ठाकुर गांव थाना क्षेत्र स्थित मुरला टोला में पुलिस से मुठभेड़ में एरिया कमांडर विशाल शर्मा ढेर हो गया. पुलिस को घटनास्थल से कुछ हथियार और ग्रेनेड मिले हैं. आमने-सामने की मुठभेड़ के बाद रांची पुलिस सतर्क हो गयी है. सूत्रों की मानें तो संगठन ने कुछ नए लोगों को अपने साथ जोड़ा है. पीएलएफआई के सरगना दिनेश गोप के अंडरग्राउंड होने के बाद नये लोगों को जोड़कर अपनी ताकत बढ़ाना चाहता है. बावजूद उग्रवादियों की मौजूदगी से पुलिस अलर्ट में है और किसी भी प्रकार से वह उग्रवादियों को और कोई मौका नहीं देना चाहती है.
जेल से जमानत पर निकले लोग भी सक्रिय
पुलिस के पुख्ता सूत्रों की मानें तो पीएलएफआई के उग्रवादी जो जमानत पर छूटकर बाहर निकले हैं. इसके बाद फिर से संगठन को मजबूत करने में जुटे है. लेवी वसूलने और संगठन विस्तार के लिए बैठक कर रहे हैं. ये ऐसे लोग है जो संगठन के लिये सूचना संकलन और बैनर पर्चे लगाने का काम किया करते हैं. पुलिस को ऐसी जानकारी मिल रही है. पुलिस ऐसे लोगों को चिह्नित करने में जुटी है.




