
Ranchi: झारखंड में कोरोना रोज ही नये रिकॉर्ड बना रहा है. इस वायरस ने ऐसा तांडव राज्य में किया कि सूबे के मुखिया हेमंत सोरेन तक को क्वारेंटाइन होना पड़ा. सरकार के मंत्री मिथिलेश ठाकुर कोविड-19 वार्ड में भर्ती हैं. खबर लिखते वक्त राज्य का पुलिस मुख्यालय, एफएफपी बिल्डिंग, सचिवालय के तीन विभाग को सील किया जा रहा था. इन बातों से अनुमान लगाया जा सकता है कि झारखंड में कोरोना की स्थिति क्या है.
हालांकि बाकी दूसरे राज्यों से भले ही तुलना में हम बेहतर स्थिति में हैं. लेकिन सरकार के गाइडलाइनों का जिस तरह से झारखंड में उल्लंघन हो रहा है, वो दिन दूर नहीं है कि हम भी महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार बन जाएंगे.
झारखंड समेत पूरे देश में अनलॉक की प्रक्रिया जारी है. अनलॉक के दौरान सरकार की तरफ से कुछ पाबंदियां लगायी गयी हैं. जिसका उल्लंघन हम सरेआम कर कोरोना को आमंत्रण दे रहे हैं.
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परोस कर खिला रहे हैं होटल
राजधानी रांची समेत राज्य के तमाम बड़े शहरों में होटल संचालक अपनी मनमानी कर रहे हैं. सरकार की तरफ से होटलों को खोलने की अनुमति जरूर मिली है. लेकिन सरकार ने किसी भी होटल को वहां खिलाने की अनुमति नहीं दी है. लेकिन देखा जा सकता है कि शहरों के तमाम होटलों में बिना किसी कानून के भय के होटलों में ग्राहकों को खाना परोसा जा रहा है.
चाट-गुपचुप के ठेले लग रहे हैं. होटल खोलने की अनुमति मिलने के बाद कुछ दिनों तक लोग होटल से सामान लेकर घर आकर खाते थे. लेकिन अब वहीं खिलाने का काम होटल संचालक कर रहे हैं.
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चोरी छिपे खुल रहे सैलून
सरकार की तरफ से सैलून को ना खोलने की बात कही गयी है. लॉकडाउन के शुरुआती दिनों में सैलून इस सरकारी आदेश को माना गया. लेकिन बाद में धीरे-धीरे चोरी-छिपे सैलून खुलने शुरू हो गए हैं.
दिनभर सैलून बंद रहता है, लेकिन सुबह और सूरज ढ़ल जाने के बाद चोरी-छिपे सैलून भी खोलने का काम किया जा रहा है. वहीं घर पर नाई बुलाकर भी उनसे काम लिया जा रहा है.
धड़ल्ले से बिक रहे पान मसाला, तम्बाकू और सिगरेट
झारखंड में कोविड-19 के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से पान मसाला, तम्बाकू और सार्वजनिक जगह पर सिगरेट पीने की रोक लगी थी. लेकिन पाबंदी लगाने से बेचने वालों की और चांदी हो गयी है. झारखंड के हर गुमटी और पान दुकान में ये सामान आसानी से उपलब्ध हैं. बस उसकी कीमत काफी बढ़ गयी है.
जो रजनीगंधा पहले 17 रुपए में मिलता था, अब उसकी कीमत 22-25 रुपए तक हो गयी है. तम्बाकू (खैनी) भी खुलेआम बाजार में उपलब्ध हैं. वहीं पाबंदी लगने से सिगरेट की कीमत भी बढ़ गयी है. दुकानदार पाबंदी का हवाला देकर ऊंची कीमत वसूल रहे हैं.
इनकी ब्रिकी पर किसी तरह का कोई असर नहीं है. यूं तो स्वास्थ्य विभाग की तरफ से थूंकने पर भी पांबदी लगायी गयी थी. लेकिन जब पान मसाला और तम्बाकू प्रोडक्ट बाजार में मिलेंगे तो भला थूंकने पर कैसे रोक लगायी जा सकती है.
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