Ranchi

MLA बिरंची नारायण ने स्पीकर से रांची SDO की शिकायत की, कहा-चले विशेषाधिकार हनन का मामला

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Ranchi: बोकारो विधायक बिरंची नारायण ने विधानसभा स्पीकर के पास रांची एसडीओ और भवन निर्माण (प्रमंडल-1) के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी है. साथ ही विशेषाधिकार हनन का मामला चलाने को कहा है. स्पीकर को 16 जुलाई को लिखे लेटर में उन्होंने आवास आवंटन मामले में उनके खिलाफ अपनाये गये रवैये के खिलाफ कंप्लेन डाला है.

इसके लिए मुख्य रूप से दोषी दो लोगों के खिलाफ़ विशेषाधिकार हनन का मामला चलाने को लेकर इसे विशेषाधिकार समिति में भेजने का आग्रह किया है. विधायक बिरंची के अनुसार, सदर एसडीओ और भवन निर्माण विभाग के इंजीनियर सामान्य प्रोटोकॉल और शिष्टाचार दिखाए जाने में भी विफल रहे हैं.

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केंद्र सरकार की गाइडलाइन का उल्लंघन

बीजेपी विधायक की शिकायत है कि रांची एसडीओ और भवन निर्माण प्रमंडल-1 द्वारा जान बुझकर निर्वाचित जनप्रतिनिधि को अपमानित किया जा रहा है. नए आवास में शिफ्ट होने के मसले पर विधायक से पूरी जानकारी नहीं ली गयी है. आवास आवंटन की घोषणा के बाद, नए आवास में जाने के लिए एसडीओ की ओर से विधायक को जबर्दस्ती हटाये जाने को चिट्ठी लिखी गयी थी.

विधायक की ओर से भेजा गया शिकायत पत्र

केंद्र सरकार ने कोरोना आपदा को देखते हुए सीनियर सिटीजन (65 साल वालों या अधिक) के मामले पर गाइडलाइन जारी किया है. ऐसे में एसडीओ ने विधायक के बुजूर्ग माता-पिता की उम्र का भी ध्यान नहीं रखा. 21 मई को एक लेटर भेजकर 15 दिनों के अन्दर डोरंडा वाला वर्तमान आवास खाली किये जाने का आदेश जारी कर दिया गया. चूंकि धुर्वा में आवंटित किया गया नया आवास अभी पूरी तरह से तैयार नहीं है, ऐसे में वहां अभी तुरंत शिफ्ट करना कठिन है. इन सब तथ्यों को नजरंदाज करते हुए रांची एसडीओ और भवन निर्माण विभाग द्वारा किया गया आचरण विशेषाधिकार हनन का मामला है.

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आवास आवंटन का नहीं, सीधे खाली करने का आया आदेश

न्यूज़विंग से बातचीत में बिरंची नारायण ने कहा कि आवास आवंटन की जानकारी उन्हें अखबारों के ही माध्यम से हुई थी. धुर्वा के सेक्टर 2 में जो आवास उन्हें आवंटित किया गया, उसके लिए कभी भी उन्हें कोई भी लेटर, आदेश या अधिसूचना उपलब्ध नहीं करायी गयी.

उन्हें सीधे 21 मई को लॉकडाउन अवधि के बावजूद दो सप्ताह में आवास खाली किये जाने को कहा गया. वे नए आवास में जाने को तैयार हैं बशर्ते उसमें रहने लायक सुविधा, भवन निर्माण विभाग करा दे. फ़िलहाल वे डोरंडा वाले में आवास में ही जमीन पर चादर लगाकर सो रहे हैं. 90 फीसदी से अधिक सामान उनका पैक हो चुका है. नया आवास जिस दिन तैयार हो जाएगा, उसके अगले ही दिन वे उसमें शिफ्ट हो जायेंगे.

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