
Ranchi: झारखंड सेंट्रल यूनिवर्सिटी के एप्रोच रोड और कैंपस के जमीन अधिग्रहण मामले को लेकर 11 जनवरी को ग्रामसभा बुलाई थी लेकिन ग्रामसभा में रैयत नहीं पहुंचे. हालांकि, जिला भू-अर्जन कार्यालय से अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे. रैयतों के नहीं आने से ग्रामसभा स्थगित कर दी गई. नहीं आने की वजह जब रैयतों से पूछा गया तो उनका कहना था कि नोटिस सभी रैयतों के नाम से दी जाये, तभी हमलोग आयेंगे. इधर, भू-अर्जन का कहना है कि ग्रामसभा सहमति के लिये होती है. ग्रामसभा में रैयतों की सहमति मिलने के बाद ही 11 के तहत नोटिस भेजी जाती है. रैयतों के नहीं आने की वजह से जमीन अधिग्रहण का मामला एकबार फिर फंसता नजर आ रहा है.
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भूमि अधिग्रहण को लेकर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने भेजी थी अधियाचना
भूमि अधिग्रहण को लेकर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग विशेष सचिव की ओर से भू-अर्जन कार्यालय को अधियाचना भेजी गई थी. जिसके तहत कांके अंचल के मनातु और चेड़ी मौजा में उक्त परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गयी थी.
12 साल से फंसा है मामला
जानकारी के अनुसार सेंट्रल यूनिवर्सिटी में एप्रोच रोड का मामला पिछले 12 साल से फंसा हुआ है. एप्रोच रोड के लिये मात्र 15.82 एकड़ जमीन ही अधिग्रहण किया जाना है.
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वर्ष 2009 में की गयी थी स्थापना
एक मार्च 2009 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रभा पाटिल की अनुमति के बाद केंद्रीय विश्वविद्यालय झारखंड की स्थापना की गई थी. वर्तमान में केंद्रीय विवि राजधानी रांची के ब्रांबे में संचालित किया जा रहा है.
तीन गांव की जमीन ली गयी हैः
सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिये तीन गांव की जमीन ली गयी है. जिन तीन गांव की जमीन है उनमें चेड़ी, मनातू व सुकुरहुट्टू के गांव शामिल है. मनातू में 79.31 एकड़, चेड़ी में 56.74 एकड़ और सुकुरहुट्टू में 3.12 एकड़ जमीन ली गयी है.




