JharkhandJharkhand PoliticsLead NewsRanchiTOP SLIDER

झारखंड कैबिनेट में 6-7 अगस्त को फेरबदल संभव, कांग्रेस कोटे के तीन मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी, मंत्रियों के बदलेंगे विभाग

Political Editor

Ranchi: कैश कांड में पकड़ाये कांग्रेस के 3 विधायकों के बाद से झारखंड की हेमंत मंत्रिमंडल में भारी फेरबदल होना तय है. सत्ता के गलियारे से छानकर यह खबर आ रही है कि झारखंड कैबिनेट में छह या सात अगस्त को भारी फेरबदल होने जा रहा है. कहा जा रहा है कि कांग्रेस कोटे के 3 मंत्रियों को बदला जाएगा. जो जानकारी मिल रही है उसमें वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव, स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता और कृषि मंत्री बादल पत्रलेख पर गाज गिर सकती है. दो मंत्री रामेश्वर उरांव और बन्ना गुप्ता का जाना तय माना जा रहा है. बादल पत्रलेख पर संसय है.

हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं हुई है. जानकारों का कहना है कि कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को हटाने की पटकथा कैश कांड से पहले ही लिखी जा चुकी थी.

इसे भी पढे़ं:Monsoon Session: सदन में छलका युवा विधायक शिल्पी का दर्द, बोली- सोचा कुछ सिखूंगी मगर यहां तो लज्जा आ रही है

इस बाबत कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर की बातचीत मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से चार दिन पहले ही हो चुकी थी.

जानकारी के अनुसार कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से भी मंत्रियों के हटाये जाने का ग्रीन सिग्नल मिल गया है. साथ ही यह भी जानकारी मिल रही है कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन झामुमो कोटे के कई मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव कर सकते हैं.

कहा जा रहा है कि मंत्री चम्पई सोरेन और मिथिलेश ठाकुर का विभाग बदला जा सकता है. यह भी जानकारी मिल रही है कि कांग्रेस कोटे में अभी जो विभाग हैं उसमें भी फेरबदल संभव है.

इसे भी पढे़ं:Monsoon Session: 3436 करोड़ का प्रथम अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित, वित्त मंत्री ने कहा- सरकार पर नहीं पड़ेगा कोई वित्तीय भार

खुल सकती है अनूप सिंह और शिल्पी नेहा तिर्की की किस्मत

यह तो तय है कि कांग्रेस कोटे के मंत्रियों में फेरबदल होना है लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि अब नए चेहरे कौन होंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बेरमो विधायक अनूप सिंह और मांडर विधायक शिल्पी नेहा तिर्की की किस्मत चमक सकती है. चर्चा यह है कि ऑपरेशन लोटस को झारखंड में असफल करने में अनूप सिंह की भूमिका रही है. उन्हें इसका पुरस्कार मिल सकता है. मांडर में 18 वर्षों के बाद पंजा मजबूत हुआ है और इसमें कांग्रेस से ज्यादा योगदान पूर्व विधायक बंधु तिर्की का रहा है.

जानकारी के अनुसार बंधु तिर्की ने अपनी बेटी को मंत्रिमंडल में बर्थ कन्फर्म कराने के लिए लॉबिंग शुरू कर दी है. तीसरा नाम दीपिका पांडेय सिंह का है. हालांकि कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व इस बात की संजीदगी के साथ छानबीन कर रही है कि वे कौन-कौन विधायक थे जो पलटी मरनेवाले थे.

इसे भी पढे़ं:सदन में सरकारः 407 स्कूलों को स्थानीय लोगों ने घोषित किया उर्दू स्कूल, 509 स्कूलों में रविवार की बजाय शुक्रवार को अवकाश

Related Articles

Back to top button