
Ranchi : भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल के विरोध में गुरुवार को विपक्षी दलों के द्वारा झारखंड बंद का आह्वान किया गया था. विपक्षी दलों के कार्यकर्ता अपनी पार्टी के नेताओं के साथ सड़क पर “आज झारखंड बंद रहेगा” के मकसद से उतरे. बंद से पहले विपक्षी दलों के नेताओं ने हेमंत सोरेन के आवास पर बैठक कर झारखंड बंद की घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि पूरी विपक्ष एकजुटता के साथ सड़क पर उतरेगी और बंद को सफल बनाएगी. इसके बाद शुरू हुआ रांची बंद का सिलसिला.
भाकपा माले
सबसे पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता पार्टी के पूर्व विधायक विनोद सिंह के नेतृत्व में सड़क पर उतरे. कार्यकर्ताओं ने शहर के प्रतिष्ठानों को बंद कराने की कोशिश की. लेकिन प्रशासनिक सख्ती के कराण बंद समर्थकों की एक ना चली और मौके पर तैनात सुराक्षा बलों ने सभी को गिरफ्तार कर कैंप जेल भेज दिया.

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झारखंड विकास मोर्चा
झारखंड विकास मोर्चा(प्र) झाविमो के कार्यकर्ता पार्टी सुप्रिमो बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में पार्टी कार्यलाय से निकले. सड़क पर उतरकर पार्टी के तमाम कार्यकर्ता शहर की दुकानों को बंद कराते हुए अल्बर्ट एक्का चौक की तरफ बढ़ रहे थे. लेकिन सुराक्षा बलों के आगे नेता विवश दिखे. सुजाता चौक के पास कुछ समय के लिए झाविमो नेता सड़क पर बैठे जरूर थे लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें गिरफ्तार कर कैंप जेल भेज दिया.
कांग्रेस
विपक्षी दलों द्वारा बुलाये गए झारखंड बंद के दौरान कांग्रेस पार्टी अपनी परंपरा के मुताबिक दो गुटों में बंटी दिखी. पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी के द्वारा डिबडीह स्थित कार्यालय से निकले जुलूस के साथ बंद के नेतृत्व की शुरुआत की. बाद में वे प्रदेश मुख्यालय आये, लेकिन इस दौरान उनकी प्रदेश अध्यक्ष डॉ अजय कुमार के साथ किसी तरह की कोई बातचीत नहीं देखी गयी. जुलूस के दौरान भी दोनों नेता अपने कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग दिखे. दोनों गुटों के बीच झारखंड बंद को लेकर बनी किसी रणनीति पर कोई बातचीत नहीं हुई. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.एन.त्रिपाठी भी अपने समर्थकों के साथ अलग देखे गये. दो गुटों में बंटे कांग्रेस नेताओं ने वैसे तो अपनी यात्रा एक ही मार्ग से शुरू की. साथ ही उन्होंने अपनी गिरफ्तारी भी अल्बर्ट एक्का चौक में ही दी. लेकिन जुलूस के दौरान सभी नेता अपने-अपने कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग निकलें और भूमि अधिग्रहण संशोधन बिल के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की.

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झारखंड मुक्ति मोर्चा
झरखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता बंद को सफल बनाने के लिए सड़क पर उतरे. झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन को मात्र 15-20 कार्यकर्ताओं के साथ सर्जना चौक के पास गिरफ्तार किया गया. उनके साथ पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार कर प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें कैंप जेल भेज दिया है.
राष्ट्रीय जनता दल
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत राजद के नेता गौतम सागर राणा और प्रदेश महासचिव कैलाश यादव के नेतृत्व में सैकड़ो राजद कार्यकर्ता विधानसभा गेट से सड़क पर उतरकर सेक्टर-2, बिरसा चौक, हिनु क्षेत्र के लोगों से आग्रहपूर्वक हाथ जोड़ कर बंद कराने का काम किया. बंद कराने के दौरान धुर्वा एवं जगन्नाथपुर थाना की संयुक्त टीम ने पुलिसकर्मियों के सहयोग से राजद के बंद समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया.
और दिन भर सड़क पर बजता रहा हुटर
झारखंड बंद को दौरान शहर कि विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया था. उपायुक्त, एसएसपी, एसडीएम, डीएसपी और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी थी. जब-जब बंद समर्थक सड़क पर उतरते, पुलिस के जवान और हुटर उनके इर्द-गिर्द दौड़ने लगता था.
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