JharkhandPalamu

पलामू: छह करोड़ की जलापूर्ति योजना पांच साल में तोड़ने लगी दम

Daltongunj: छह करोड़ की लागत से बनी पलामू जिले की चैनपुर “ग्रामीण जलापूर्ति योजना” पांच साल में ही दम तोड़ने लगी है. इस बीच योजना के तहत नियमित रूप से पानी नहीं मिलने के कारण उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है.

अनियमित वेतन मिलने के कारण कई कर्मी कार्य छोड़ चुके हैं, जबकि कुछ छोड़ने की तैयारी में हैं. ऐसे में इस योजना के ठप होने की पूरी संभावना बन गयी है. फिलहाल छोटी-छोटी खराबी के कारण पिछले 24 घंटे से जलापूर्ति ठप है.

पलामू में क्यों बनी ऐसी स्थिति ?

  • योजना पंचायत को हैंडओवर
  • “बहुपंचायत” (संगठन) बनाकर इस योजना को खींचा
  • निगम चुनाव के बाद तो हालात बद से बदतर

स्थापना के तीन वर्ष तक निर्माण एजेंसी द्वारा “जलापूर्ति योजना” की देखरेख की गयी. इस कार्यकाल में तो करीब-करीब स्थिति ठीक थी. लेकिन जैसे ही यह योजना पंचायत को हैंडओवर किया गया. इसके बुरे दिन शुरू हो गए.

जैसे-तैसे दो साल तक छह पंचायतों के प्रतिनिधियों ने “बहुपंचायत” (संगठन) बनाकर इस योजना को खींचा. लेकिन नगर निगम चुनाव के बाद तो हालात बद से बदतर होते चले गए. छह से सात पंचायतों को मिलाकर दो हजार से अधिक उपभोक्ता हैं. जिनसे हर महीने निर्धारित राशि वसूली जाती है. इसी राशि से मेंटेनेंस वर्क और वेतन का भुगतान किया जाता है.

इसे भी पढ़ें- पलामू: विपक्ष के बंद पर प्रशासनिक व्यवस्था भारी,  बंद बेअसर- 200 से अधिक गिरफ्तार

चुनाव हारने के बाद जलापूर्ति योजना पर ध्यान अधूरा 

निगम चुनाव में पंचायत प्रतिनिधियों ने वार्ड पार्षद का चुनाव लड़ा. लेकिन करीब-करीब सारे चुनाव हार गए. ऐसे में उनकी दिलचस्पी पूर्व की तरह नहीं रही. दो से तीन माह के भीतर इस योजना के बंद होने की संभावना व्यक्त की जाने लगी है. बेहतर रख रखाव के अभाव में कारगर व महत्वाकांक्षी योजना दम तोड़ती दिख रही है.

वर्तमान में यहां दो मोटरों की जगह एक लगी है. गैलन सूता कटा हुआ है. उसकी जगह फटा हुआ लुंगी का टुकड़ा बांधा गया है. गैलन सूता नहीं लगने के कारण पाइप में लगा बुश और नट-बोल्ट को नुकसान पहुंचता है. मोटर में तीन फेज बिजली पहुंच नहीं पा रही है.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button