
Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन अनुपूरक बजट पर चर्चा हुई. वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव की ओर से वित्तीय वर्ष 2024-25 का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया गया. उन्होंने सदन में चालू वित्तीय वर्ष के लिए 4981 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया. 27 फरवरी को प्रश्न काल, वित्तीय वर्ष 2023-24 के आय व्यय का उपस्थापन होगा. साथ ही इस दिन कई विधेयकों को मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही हैं. इसके साथ ही सदन की कार्यवाही 27 फरवरी को दिन के 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. इससे पहले वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव ने सदन में आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश की. इस दौरान बताया कि राज्य में JSDP में लगातार वृद्धि हुई है. राज्य में वास्तविक आय GSDP में 8.8 प्रतिशत की औसत वार्षिक दर से बढ़ोत्तरी हुई है. मौजूदा कीमत पर 8.7 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है वर्ष 2020-21 में झारखंड का देश की GDP में 1.6 प्रतिशत का योगदान था. जो वर्ष 2021-22 में बढ़कर 1.63 प्रतिशत हुआ है. प्रति व्यक्ति आय के संदर्भ में झारखंड देश का सबसे कम व्यक्ति आय वाले राज्यों में से एक है. झारखंड पहले 26वें स्थान पर था जो अब 25वें स्थान पर आ गया है बिहार, उत्तर प्रदेश और मणिपुर भी झारखंड से पीछे हैं.
सदन में कटौती प्रस्ताव का समर्थन और विरोध
अनुपूरक बजट के कटौती प्रस्ताव के समर्थन और विरोध में सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने वाद-विवाद में हिस्सा लिया. अनंत ओझा, बिरंची नारायण, सुदिव्य सोनू, जिग्गा सोरोन होरो, उमाशंकर अकेला सहित दूसरे विधायकों ने भी इसमें हिस्सा लिया. अनंत ओझा ने संतालपरगना सहित राज्य के अन्य हिस्सों में बांग्लादेशी घुसपैठ, लव जिहाद, आतंकी घटनाओं सहित बदलते डेमोग्राफी का मसला रखा. 2023-24 के तृतीय अनुपूरक पर चर्चा के क्रम में उन्होंने कहा कि राजमहल में तीन महीने पहले एक आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या हो जाती है. वहां लोग आंदोलनरत हुए. पर इस पर पुलिस अबतक कुछ नहीं कर सकी. सत्ता के संरक्षण में तुष्टिकरण का खेल चल रहा है. देशविरोधी गतिविधियों को रोकने की जिम्मेदारी सरकार की है. बांग्लादेशी गिरोह राजमहल सहित संतालपरगना में घुसपैठियों का वोटर कार्ड वगैरह बना रहा है. इसी सदन में इस मसले को लाया गया पर दो साल हो गये, अब तक ना तो जांच हो सकी है और ना एक्शन लिया गया है. झारखंड में भी पश्चिम बंगाल के संदेशखाली की तरह माहौल बन रहा है. बेटियों को टुकड़े में काटा जा रहा है पर सरकार का कोई मंत्री उसके परिवार के पास नहीं गया. तुष्टिकरण का खेल चारों ओर जारी है. घुसपैठिए जल, जंगल, जमीन पर कब्जा कर रहे हैं. लव जिहाद का मामला बढ़ रहा है. नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के मुताबिक यहां आतंकी घटनाओं में शामिल लोगों की संख्या बढ़ी है. राज्य में पिछले तीन सालों में अपराध भी बढ़ा है. अनंत ने कांग्रेस पर लोकतंत्र के चीरहरण का आरोप लगाया. कहा कि उसने कई बार चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त किया है. 1974 का दर्द देश ने इमर्जेंसी में झेला है. संवैधानिक संस्थाओं को दबाया गया. राज्य सरकार पर वित्तीय प्रबंधन में विफलता की बात कहते कहा कि इस सरकार ने कहा था कि राज्य का खजाना खाली है. बावजूद इसके हर साल 5 लाख नौकरी देने, बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही. हालांकि ऐसा नहीं कर सकी. बाद में कहा कि रघुवर सरकार के विज्ञापन के आधार पर नौकरी दी. अब वे युवाओं की आवाज दबाने में लगे हैं. जेएसएससी पेपर लीक की सीबीआई जांच से बच रही है. सरकार अबुआ आवास का खूब प्रचार कर रही है पर यह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है. ब्लॉक, सरकारी कार्यालयों का घेराव हो रहा है.

भाजपा शासित राज्यों के लिए यहां के विपक्ष का नजरिया अलगः सोनू
सुदिव्य सोनू ने चर्चा में भाग लेते कहा कि झारखंड में पेपर लीक को लेकर भाजपाई हल्ला कर रहे हैं जबकि एसआइटी जांच जारी है. दोषी पकड़े जा रहे हैं. यूपी, गुजरात में भी पिछले कई सालों में अलग अलग परीक्षाओं में पेपर लीक हुए, उन्हें रद्द करना पड़ा. पर वहां सीबीआई जांच की बात बेमानी है. यहां सरकार ने परीक्षाओं में नकल, गड़बड़ी को रोकने को दंड प्रस्ताव लाया तो यहां का विपक्ष कटौती प्रस्ताव ले आया. यह सब अपने लोगों को अधिकतम दंड से बचाने को हुआ. उन्होंने सरकार से रद्द परीक्षा जल्द कराने का आग्रह सरकार से किया.
सोनू ने कहा कि 4981 करोड़ का यह बजट हाथी उड़ाने के लिए नहीं है. पिछली सरकार में ऐसे ही पैसे बर्बाद किये गये. विपक्ष को सरकार की लाभकारी योजनाएं नहीं दिख रहीं. गरीबों को 1000 रुपया प्रतिमाह मिल रहा. सर्वजन पेंशन योजना का लाभ गरीबों को मिलने लगा है. अबुआ आवास योजना के तहत इस वर्ष लोकसभा चुनाव के 3 माह बाद 9 लाख आवास योजना का लाभ जरूरतमंदों को मिलेगा. अगले वित्तीय वर्ष में हर पंचायत में हर किसी को इसे देंगे. पीएम मोदी ने 2 करोड़ रोजगार प्रतिवर्ष, 15 लाख हर किसी के खाते में देने, 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने की बात की थी. सब हवा हवाई रहा. अब ये सब फिर से सबको छलने आ गये हैं. इस सरकार की स्थानीय नीति को इन सबों ने रद्द करा दिया. विपक्ष का दोहरा चरित्र है. भाजपा शासित राज्यों में मसलों को देखने का नजरिया उनका अलग अलग है. 4981 करोड़ का बजट आशाओं का बजट होगा, पूंजीपतियों के कर्ज को माफ करने वाला, हाथी को उड़ाने वाला नहीं, हेमंत के सपने, योजनाओं को धरातल पर उतारने वाला होगा.

बंद पड़े स्कूलों को खोले सरकारः अकेला
उमाशंकर अकेला ने कहा कि ब़जट राज्य के हित के लिए लाया जाता है. भाजपा सरकार (2014-19) में कई स्कूलों को बंद कर दिया गया. खासकर सुदूरवर्ती इलाकों में, जंगलों में संचालित 500 स्कूलों को बंद किए जाने से बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हुआ. अभी सामाजिक न्याय, गरीब, दलितों की सरकार राज्य में है. ऐसे में राज्य में जितने भी स्कूल सुदूर इलाकों में बंद पड़े हैं. उन्हें अतिशीघ्र खोला जाए. अकेला ने बिहार सरकार के समय डीवीसी और इसके लिए जलाशय के लिए जमीन देने वाले विस्थापितों को जमीन का मालिकाना हक दिलाने की भी मांग रखी. 2019 में होमगार्ड की बहाली में सफल हजारीबाग के अभ्यर्थियों को अब तक नौकरी नहीं मिलने की बात रही. साथ ही सरकार से रिजल्ट निकाल कर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का भी आग्रह किया चंदवारा प्रखंड में डिग्री कॉलेज बनकर तैयार होने और इसके चालू नहीं के चलते स्टूडेंट्स की पढ़ाई डिस्टर्ब होने की बात की. इस कॉलेज को खुलवाने का आग्रह भी किया. चौपारण सहित आसपास के जंगलों में रह रहे एससी वर्ग के लोगों का सर्वे कराकर आवास योजना का लाभ देने को भी कहा.




