
Saurabh Singh
Ranchi: पुलिस चोरी का कोयला लदे 12 ट्रकों को पकड़ती है. उस पर केस करती है. सुपरविजन में आरोपियों की गिरफ्तारी का आदेश दिया जाता है. कुछ दिन अवैध कोयला कारोबार रुकता है. आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती और दोबारा कोयला का अवैध कारोबार शुरु हो जाता है. इसे क्या समझा जाये.
क्या इस तरह की घटना उस जिले के एसपी, रेंज के डीआईजी और प्रभारी आईजी की जवाबदेही को कटघऱे में खड़ा नहीं करती है. उनकी ईमानदारी पर सवाल नहीं उठाता है.
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पश्चिम बंगाल से चोरी कर कोयला बिहार ले जाया जा रहा था
यह घटना है जामताड़ा जिला के नारायणपुर थाना क्षेत्र की है. 9 फरवरी की रात वहां की पुलिस ने पश्चिम बंगाल से चोरी कर बिहार ले जाये जा रहे 12 ट्रक कोयला जब्त किया. इस मामले में पुलिस ने ट्रकों के चालक-खलासी व मालिक के अलावा अवैध कोयला कारोबार के सरगना अल्ला रखा को अभियुक्त बनाया.
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जानकारी के मुताबिक 16 फरवरी को जामताड़ा के डीएसपी ने मामले का सुपरविजन करके केस को ट्रू कर दिया. साथ ही अल्ला रखा समेत सभी अभियुक्तों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया. इस आदेश को दो माह से अधिक बीत गये. पर अब तक अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है और दोबारा कोयले का अवैध कोराबार शुरु हो गया.
इस बार मिहिजाम थाना क्षेत्र में कोयले का अवैध कारोबार शुरु किया गया. पश्चिम बंगाल से चोरी करके लाये जाने वाले कोयले को मिहिजाम थाना क्षेत्र के रास्ते से बिहार पहुंचाने का काम किया जा रहा है.
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिसके खिलाफ पुलिस ने गिरफ्तारी के आदेश दिये, वही फिर से कोयला का अवैध कारोबार कर रहा है. साफ है कि इसमें सीनियर पुलिस अफसरों की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता.
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