
Ranchi : एमजीएम, जमशेदपुर के एमबीबीएस शैक्षणिक सत्र 2018-19 के नामांकन में गड़बड़ी का मामला सामने आया है. एमबीबीएस कोर्स में ओबीसी श्रेणी के दो विद्यार्थियों का नामांकन जितने अंक पर हुआ है, उतने पर एमजीएम में उसी श्रेणी के किसी उम्मीदवार का नामांकन नहीं हुआ है. ऐसे में नामांकन में गड़बड़ी की बू आ रही है. नामांकन में गड़बड़ी को पुख्ता एमजीएम के वेबसाइड पर मौजूद दस्तावेज कर रहे हैं.
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क्या है मामला
एमजीएम की वेबसाइट पर एमबीबीएस के शैक्षणिक सत्र 2018-19 में नामांकन लिए गये उम्मीदवारों की सूची है. इस सूची में किस कैटेगरी के कितने छात्रों का नामांकन लिया गया है, उन्हें नीट एग्जामिनेशन में कितने अंक मिले हैं, इसकी जानकारी दी गयी है.
सूची के क्रम संख्या 99 और 100 में ओबीसी श्रेणी के दो छात्र अनुराग सिंह और रोमा सिंह का नामांकन होना दिखाया गया है. इन्हें नीट में क्रमश: 407 और 409 अंक मिले हैं.
जबकि इस श्रेणी में अंतिम नामांकन क्रम संख्या 88 और 89 में जिनका नामांकन हुआ है, उन्हें क्रमश: 519 और 521 अंक नीट एग्जामिनेशन में मिले हैं.
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कैसे हो सकता है इतने कम अंक में नामांकन
नामांकन प्रक्रिया के संबंध में एक्सपर्ट का कहना है कि जब ओबीसी श्रेणी के किसी उम्मीदवार का नामांकन कम से कम 519 अंक पर हुआ है तो फिर दूसरे किसी ओबीसी श्रेणी के उम्मीदवार के अंक में 100 से अधिक अंक का अंतर कैसे हो सकता है.
जब इस संबंध में झारखंड कंबाइंड एंट्रेंस कंपीटिटिव इग्जामिनेशन बोर्ड (जेसीईसीईबी) के नियंत्रक दिलीप कुमार झा से जानकारी लेने की कोशिश की गयी तो उन्होंने बात करने से इनकार कर दिया. वहीं एमजीएम के प्राचार्य डॉ अखौरी अमिताभ का कहना है कि काउंसलिंग प्रक्रिया के बाद झारखंड कंबाइंड जो सूची भेजते हैं, उन्हीं का हम नामांकन लेते हैं. ऐसे में इसमें कॉलेज प्रबंधन की गलती नहीं है.




